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Fatehveer Singh death reasons disclosed in postmartum report, Child was rescued from borewell
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7 कारण, जिन्होंने ली दो साल के फतेहवीर की जान, मुंह में भर गई थी रेत और गलने लगा था शरीर
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 12 Jun 2019 04:26 PM IST
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फतेहवीर
- फोटो : अमर उजाला
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दो साल के मासूम फतेहवीर सिंह की मौत तड़प-तड़प कर हुई है। एक नहीं कई कारणों से उसकी जान गई, शरीर भी सड़ने लगा था। ये विशेष रिपोर्ट पढ़कर दिल भर आएगा।
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फतेहवीर
- फोटो : अमर उजाला
जांच में खुलासा हुआ कि फतेहवीर सिंह जब वह गिरा तो उसके साथ रेत की बोरी भी थी। दोनों साथ-साथ नीचे गए और फतेहवीर के मुंह में रेत भर गई, जिस कारण वह सांस नहीं ले पा रहा था। उसे पर्याप्त ऑक्सीजन भी नहीं मिल पाई थी। उसके मुंह के अंदर से रेत और बाहर बोरी के अंश मिले हैं। उसकी मौत तीन से चार दिन पहले हो गई थी। उसके शरीर में सड़न आनी शुरू हो गई थी।
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फतेहवीर
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फतेहवीर का पोस्टमार्टम करने वाले पीजीआई के फोरेंसिक डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. वाईएस बंसल व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सेनथिल ने बताया कि जब बच्चे को पीजीआई में लाया गया तो न उसकी पल्स चल रही थी और न ही सांस। हृदय की धड़कन भी बंद थी। डाक्टरों के मुताबिक मौत की एक वजह नहीं है, बल्कि कई सारे फैक्टर ऐसे रहे, जिस वजहों से उसने दम तोड़ा है।
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फतेहवीर
- फोटो : अमर उजाला
पहली वजह, फतेहवीर को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलना था। मेडिकल की भाषा में इसे हाइपोक्सिया कहते हैं। बोरवेल के अंदर पहले से ही घुटन की स्थिति बनी हुई थी। दूसरा, मुंह के ऊपर रेत होने के कारण उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। तीसरा, तापमान अधिक होने और खाने-पीने का सामान नहीं मिलने से उसे डिहाइड्रेशन भी हुआ। उसके हाथ में रेस्क्यू के निशान मिले हैं, जिससे पता चलता है कि उसे बचाने की कोशिश हुई है। शरीर के अंदर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं है।
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फतेहवीर
- फोटो : अमर उजाला
ऑपरेशन फतेहवीर पर पहले ही दिन से सवाल उठ रहे थे। लोगों का कहना है कि किसी फौज या विशेषज्ञों की टीम को बुलाया जाता तो फतेहवीर को बचाया जा सकता था। छह जून को जिस दिन फतेहवीर गिरा, उस दिन एनडीआरएफ की टीम ने बच्चे के हाथों में रस्सी डालकर खींचने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही। इसके बाद पैरलल सुरंग बनाने का काम शुरू किया गया।
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