जो युवा पीएम मोदी के 'मेक इन इंडिया' प्रोजेक्ट में शामिल हो, वह और उसकी बहन जाली नोटों का मास्टरमाइंड निकलेगा, कोई सोच नहीं सकता।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
42 लाख की जाली करेंसी समेत गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी अच्छे घरों से संबंध रखते हैं। आरोपी अभिनव के पिता का देहांत हो चुका है। जबकि मां सेना में चंडीमंदिर मेडिकल विभाग में तैनात हैं।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
उसने बीटेक की पढ़ाई करने के बाद मोहली में एक कंपनी खोली थी। जिसमें उसने दूसरी आरोपी व कजन वैशाखा को एचआर की कमान सौंप रखी थी। इसी कंपनी में दोनों ने मोटी रकम कमाने का सपना देखा था। दोनों काफी शातिर थे।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
वैशाखा के पिता क पूरथला स्थित रेल फैक्ट्री में इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। इसी तरह सुमन लुधियाना का रहने वाला है। वह एक राजनीतिक पार्टी से भी संबंध रखता है। और फाइनेंस का काम करता है। वही सारे क्लाइंट तलाश कर इनके पास भेजता था। ऐसे में कई और लोग भी संदेह के घेरे में है।
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42 लाख की जाली करेंसी समेत तीन गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि अभिनव नें कुछ समय पहले ही ऑडी क्यू सेवन सेकेंड हेंड तीस लाख में खरीदी थी। उसने कहा कि गाड़ी के दस्तावेज अभिनव के नाम पर अभी नहीं है। बताया जाता है कि गाड़ी का यह नंबर फरीदाबाद में किसी व्यक्ति के नाम पर है।