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इन लड़कियों ने गाया था...'बता मेरे यार सुदामा रे', अब मिला बड़ा सम्मान

Mon, 20 Feb 2017 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Mon, 20 Feb 2017 09:46 AM IST
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Education deputy director awarded singer students in school
बता मेरे यार सुदामा गीत गाने वाली लड़कियों को किया गया सम्मानित
सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली इन छात्राओं ने भगवान कृष्ण पर ऐसा गाना गाया जिसने चारो ओर धमाल मचा दिया। अब इनको सम्मानित किया गया है। देखिए
Education deputy director awarded singer students in school
Bata Mere Yaar Sudama Song Viral on Youtube
दरअसल, एक गीत इन दिनों यू-ट्यूब और तमाम साइट्स पर छाया हुआ है। रोहतक के सांघी गांव के डॉ. स्वरूप सिंह गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति स्कूल की 9वीं, 10वीं और 11वीं की छात्राओं द्वारा गाए गए इस गीत ‘बता मेरे यार सुदामा रै.....भाई घणे दिना में आया’ को करोड़ों लोग सुन चुके हैं।
Education deputy director awarded singer students in school
Bata Mere Yaar Sudama Song Viral on Youtube
संगीत के साथ पढ़ाई में भी अव्वल ठेठ देहाती परिवेश की बच्चियों विधि, ईशा, शीतल, मनीषा, मुस्कान और रिंकू को सराहना के फोन देश के कोने-कोने से आ रहे हैं। इन बच्चियों ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता- पिता और म्यूजिक टीचर सोमेश जांगड़ा को दिया है।
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Education deputy director awarded singer students in school
जोगेन्द्र हुड्डा ने स्कूल में किया समानित
गीत गाने वाली लड़कियों को शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जोगेन्द्र हुड्डा ने आज यानि शनिवार को स्कूल में समानित किया। वहीं बता दें कि यह भक्ति गीत उसकी मां संतोष ने रिठाल गांव में हुए सत्संग में सुना था और मां ने ही उसे गीत को लिख कर दिया था। बचपन से ही गाने का शौक था। उसने फरवरी 2016 में स्कूल की बाल सभा में गाना गाकर प्रिंसिपल जयपाल दहिया से 500 रुपये का इनाम हासिल किया था। म्यूजिक टीचर सोमेश जांगड़ा ने मेरे यार सुदामा रै--गीत को मार्च में रीमिक्स सांग का रूप देकर रियाज करवाया।
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जोगेन्द्र हुड्डा ने स्कूल में किया समानित
स्कूल की बच्चियों ने 12 अप्रैल 2016 को पहली बार महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के टेगौर सभागार में यह रीमिक्स सांग गाया था। गीत को सुनकर गीता मर्मज्ञ स्वामी ज्ञानानंद ने नैतिक शिक्षा पुस्तक के विमोचन अवसर पर इस गीत को सुनाने का निमंत्रण दिया। गीत सुनकर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने विधि और साथी बच्चियों को 31000 रुपये का पुरस्कार दिया।
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