लोग सोना खरीदते हैं, लेकिन खरीदारी से पहले कई बार कुछ बातों पर ध्यान नहीं देते, जिसकी वजह से उन्हें परेशानी और नुकसान होता है।
आप सोने की खरीदारी करने जा रहे हैं तो ध्यान रखें कि जो ज्वेलरी आप खरीद रहे हैं वह हालमार्क है कि नहीं। चंडीगढ़ सेक्टर-27 में आम लोगों को जागरूक करने के लिए आयोजित की गई हालमार्किंग को लेकर प्रेस कांफ्रेंस में भारतीय मानक ब्यूरो के उपमहानिदेशक एके शर्मा ने बताया कि वास्तव में बीआईएस द्वारा अप्रूव्ड चुनिंदा ज्वेलर्स हैं। यही ज्वेलर्स बीआईएस के हालमार्क का उपयोग कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त यदि कोई भी ज्वेलर इसका उपयोग करता है तो वह अवैध है। उन्होंने बताया कि एक आर्टिकल को हालमार्किंग करवाने पर सिर्फ पैंतीस रुपये का खर्च आता है। हाल मार्क करवाने में सिर्फ पांच से छह घंटे लगते हैं। यदि हाल मार्क अनअप्रूव्ड ज्वेलर से खरीदारी की जाती है और सोने में खोट है तो आम उपभोक्ता को परेशानी हो सकती है।
पंजाब में बीआईएस से अप्रूव्ड पांच सौ ज्वेलर्स हैं, जबकि हरियाणा में तीन सौ ज्वेलर्स हैं। चंडीगढ़ में पचास ज्वेलर्स हैं। हालमार्किंग के लिए चंडीगढ़ में एक सेंटर अप्रूव्ड है। पंजाब और हरियाणा में चार-चार सेंटर अप्रूव्ड हैं। हालमार्किंग के लिए सुनार अपने आर्टिकल सेंटर पर भेजता है और उसको लेजर के मशीन के माध्यम से हाल मार्क प्रिंट किया जाता है। कोई ज्वेलर जो कि हाल मार्क लाइसेंसी नहीं है और वह हालमार्क ज्वेलरी बेचता है तो उसके ऊपर कार्रवाई की जा सकती है।
सोने की शुद्धता- यूं तो हर दुकानदार अपने बेचे गए गहने को मार्केट में चल रहे रेट के अनुसार वापस लेने का दावा करता है लेकिन अगर आप उसके पास जाएंगे तो जरूरी नहीं कि दावे के अनुरूप ही मुनाफा मिले और सोना वाकई उतना शुद्ध हो जितना कि उसका दावा। ऐसे में सोने के लिए बीआईएस 916 हॉलमार्क को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शुद्धता का पैमाना माना जाता है जिसमें यह गारंटी होती है कि सोना 91.6 प्रतिशत खरा है यानी 22 कैरट है।