ई-वे बिल सिस्टम लागू होने जा रहा है, जानिए इसके दो बड़े फायदे। यह प्रणाली जहां कारोबारियों के लिए तोहफा है, वहां अफसरों के लिए बड़ी टेंशन है।
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ई वे बिल
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हरियाणा में आगामी 20 अप्रैल से अंतर्राज्यीय ई-वे बिल को लागू कर दिया जाएगा। हरियाणा में ई-वे बिल माल के राज्य के भीतर परिवहन हेतु भी अनिवार्य होगा। इसके लिए हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग ने तैयारियां कर ली हैं। इस दौरान यदि परिवहन किए जाने वाले माल का मूल्य 50 हजार रुपये से अथवा उससे अधिक है, तो ई-वे बिल आवश्यक होगा।
ई-वे बिल लागू होने से अंतर्राज्यीय माल परिवहन हेतु ई-वे बिल जनरेट करने के लिए करदाताओं, परिवहनकर्ताओं को किसी कर अधिकारी या चेक पोस्ट तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह यूजर फ्रें डली ई-वे बिल प्रणाली होगी और उसका आसान एवं शीघ्र जनरेशन भी होगा। इससे सुगम कर प्रशासन हेतु नियंत्रण एवं संतुलन तथा कर अधिकारी द्वारा ई-वे बिल के सत्यापन में आसानी हेतु प्रक्रिया का सरलीकरण भी होगा।
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जीएसटी
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इससे कई कन्साइनमेंट ले जा रहे वाहन के लिए समेकित ई-वे बिल जनरेट किया जा सकता है। इस ई-वे बिल को वेब-लैपटॉप या डेस्कटॉप, फोन इत्यादि द्वारा ब्राऊजर का उपयोग करके ऑनलाइन, मोबाइल फोन के एन्ड्रायॅड आधारित एप से, रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर से, एसएमएस के माध्यम से, एपीआई (एपलीकेशन प्रोग्राम इंटरफेस) से जेनरेट किया जा सकेगा।
ई-वे बिल सिस्टम के तहत अब करदाताओं और ट्रांसपोर्टरों को किसी भी टैक्स कार्यालय या चेक पोस्ट पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ई-वे बिल इलेक्ट्रॉनिक रूप से तैयार किया जा सकता है और इसमें खुद से पैसे कट जाएंगे। बड़े उपयोगकर्ता इस ई-वे बिल की नई प्रणाली को पोर्टल पर मोबाइल ऐप, एसएमएस और ऑफलाइन टूल के जरिए उपयोग कर सकते हैं।