अगर आप भी दिवाली के खास मौके पर अपने घर में सुख समृद्धि की कामना करते हैं तो यह खबर जरूर पढ़ लें। जानिए दिवाली पर दीप जलाने का शुभ मुहूर्त क्या है और किस समय फैक्ट्री में पूजा-अर्चना करना शुभ फलदायक होगा।
चंडीगढ़ के सेक्टर-30 के श्रीमहाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि घर पर प्रदोष काल के दौरान पूजन का विशेष महत्व है। प्रदोष काल सात नवंबर को शाम पांच बजकर 30 मिनट से लेकर आठ बजकर 11 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल में ही शाम सात बजकर 10 मिनट से रात आठ बजकर 51 मिनट तक शुभ की चौघड़िया रहने के कारण इस योग में दीप प्रज्ज्वलित करना और पूजन करना शुभ रहेगा।
आयुष्मान योग शाम को पांच बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा। सौभाग्य योग का प्रारंभ और तुला राशि में चंद्रमा होगा। शाम पांच बजकर 26 मिनट पर सूर्यास्त (प्रदोष काल) के बाद मेष और वृष लग्न एवं स्वाति नक्षत्र के रहने के कारण इस समय में गणेश और लक्ष्मी पूजन प्रारंभ करने के लिए विशेष रूप से शुभ होगा।
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Diwali
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देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे के अनुसार बही खाता और नवीन शुभ कार्यों के लिए भी यह मुहूर्त अत्यंत शुभदायक है। फैक्टरी में दोपहर बाद दो बजकर 50 मिनट से चार बजकर 10 मिनट तक चर की चौघड़िया होने के कारण मध्यम है।
इसके बाद चार बजकर 10 मिनट से शाम पांच बजकर 50 मिनट तक मेष लग्न में चर और शुभ की चौघड़िया है। व्यापार और फैक्टरी में पूजा करने का यही सबसे उत्तम मुहूर्त है। रात 10 बजकर 32 मिनट से रात 12 बजकर 12 मिनट तक चर की चौघड़िया शुभ रहेगा। इस समय में महालक्ष्मी, महाकाली, महासरस्वती की उपासना तांत्रिक क्रियाएं, तंत्र साधना और अनुष्ठान करने का विधान है।