दीप्ति के किडनेपर 'देवेंद्र का बैकग्राउंड देखिए, कैसे बना अपराधी?
12वीं कक्षा में मैरिट में आया छात्र एक दिन कुख्यात बदमाश बनेगा, ये उसके फौजी पिता ने कभी सपने में भी सोचा न होगा। यही छात्र है दीप्ति का किडनेपर साइको देवेंद्र।
रिपोर्ट: दीपक वर्मा, सोनीपत।
दीप्ति के किडनेपर 'देवेंद्र का बैकग्राउंड देखिए, कैसे बना अपराधी?
सोनीपत जिले के कामी गांव में फौजी पिता के होते हुए घर में भी पूरी सख्ती रहती थी। हालांकि 12वीं के बाद अचानक से देवेंद्र की लाइन बदल गई और वह अपराध की दुनिया में चला गया। पहले लूटपाट और फिर गांव में ही हत्या की वारदात में शामिल रहा। बता दें कि देवेंद्र को परिजनों ने बेदखल कर रखा है।
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बताया जा रहा है कि गांव में काफी समय पहले एक युवक की हत्या हो गई थी। उसकी मां ने हत्यारों को मारने के लिए देवेंद्र को सुपारी दे रखी थी। इसके बाद से देवेंद्र गांव में काफी सक्रिय था। हाल के समय में गांव में ही महिला नेता (जो हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में जीती थी) उसके पति के साथ भी देवेंद्र की काफी खींचतान चल रही थी। दोनों तरफ से रोजाना 20-20 युवकों की फौज को तैयार किया जा रहा था। दोनों पक्षों द्वारा कई बार गांव में हवाईफायर भी किए जाते थे।
दीप्ति के किडनेपर 'देवेंद्र का बैकग्राउंड देखिए, कैसे बना अपराधी?
देवेंद्र उर्फ लीलू पर पहला मामला वर्ष 2001 में दर्ज किया गया था। इसके बाद एक-एक करके पुलिस के पास दर्ज 15 मामलों में देवेंद्र की संलिप्तता पाई गई थी। इसमें से दो मामले पानीपत और एक-एक मामले करनाल और कुरुक्षेत्र पुलिस द्वारा दर्ज किए गए हैं। हत्या के दो मामले भी देवेंद्र पर दर्ज हैं। खास बात यह है कि 14 मामलों में वह गिरफ्तार किया जा चुका था। इन मामलों में उसके साथी गांव कामी के संदीप, पवन, आशीष तथा मोहाना का सुनील रह चुके हैं।
दीप्ति के किडनेपर 'देवेंद्र का बैकग्राउंड देखिए, कैसे बना अपराधी?
अपराधी की दुनिया में देवेंद्र का आधिकारिक जन्म वर्ष 2001 में लूट की वारदात में नामजद होने से हुआ था। इसके बाद 10 मामले उस पर लूट और डकैती के दर्ज हुए थे। हालांकि देवेंद्र पर हत्या और दो हत्या के प्रयास के भी दो-दो मामले दर्ज हैं। खास बात यह है कि सोनीपत में देवेंद्र वर्ष 2005 और 06 के दौरान ही सबसे अधिक सक्रिय रहा था। इसके बाद तो उसने 2011, 12 और 14 में जिले में एक-एक वारदात को अंजाम दिया, वो भी अपना खौफ जिंदा रखने के लिए।