साध्वी रेप केस में
गुरमीत राम रहीम पर फैसले के बाद
डेरा सच्चा सौदा समर्थकों की हिंसा में मारे गए लोगों को लेकर एक नया सच सामने आया है, जानिए।
दरअसल, हिंसा में मारे गए 31 लोगों में से 7 की ही शिनाख्त हो पाई है। पुलिस की गोली से कितनों की मौत हुई, इसका पता पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा। दूसरी ओर, मरने वालों की बात पर हरियाणा के मुख्य सचिव ढेसी ने कहा कि इनमें कोई भी स्थानीय निवासी नहीं है, बल्कि बाहरी लोग हैं जो खुद को डेरा समर्थक बता रहे हैं।
हिंसा के बाद घिरी खट्टर सरकार ने डैमेज कंट्रोल करना शुरू कर दिया है। सीएम ने अफसरशाही को आगे कर दिया है, जो हिंसा पर लीपापोती में जुटे हैं। मुख्य सचिव, गृहसचिव और डीजीपी ने प्रेस कांफ्रेंस करके पूरे नुकसान और मौजूदा हालातों की जानकारी दी।
इससे पहले मामले में कार्रवाई करते हुए पंचकूला डीएसपी अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। डेरामुखी मामले में बढ़े बवाल के कारण बने धारा 144 लगाने में कोताही बरतने वाले डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) आईपीएस अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया। यह फरमान हरियाणा सरकार ने देर रात जारी किया।
बता दें कि साध्वी यौन शोषण मामले में 15 साल से लुकाछिपी का खेल-खेल रहे सिरसा स्थित डेरा के प्रमुख गुरमीत राम-रहीम को आखिरकार सलाखों के पीछे जाना पड़ा। पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में शुक्रवार को डेरा प्रमुख को दोषी करार दिया गया। अब 28 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।