कोरोना महामारी के इस दौर में अब डेंगू का खतरा भी तेजी से बढ़ने लगा है। चंडीगढ़ में अक्तूबर के 24 दिनों में डेंगू के 54 मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि अब तक के कुल मरीजों की संख्या 86 है। महज 24 दिनों में आधे से ज्यादा मरीज मिले हैं जो खतरे की तरफ संकेत कर रहा है। ऐसी स्थिति में कोरोना के साथ ही डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सावधान : डेंगू से भी ग्रस्त मिले कोरोना के मरीज, डॉक्टरों की बढ़ी चिंता, जानें- लक्षण, कैसे रखें ध्यान
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मलेरिया विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के साथ ही मानकों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। जीएमसीएच-16 में अब तक ऐसे 3-4 ऐसे मरीज भी आ चुके हैं, जो कोरोना पॉजिटिव होने के साथ साथ डेंगू से भी गस्त हैं। ऐसे में डॉक्टरों को इनके इलाज करने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
कोविड में हल्का और डेंगू में होता है तेज बुखार : डॉ. मनीष
जीएमएसएच- 16 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि अभियान के तहत अब तक शहर में डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। इनमें विभिन्न बाजारों के दुकानदार, रेस्टोरेंट वाले, होटल वाले और कुछ आवासीय क्षेत्र के लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दोनों में लक्षण लगभग एक जैसे होने के कारण लोग इसमें अंतर नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि वह लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर की सलाह लें ताकि सही समय पर उन्हें इलाज कर बचाव किया जा सके।
ये लक्षण हैं खतरनाक
ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की किल्लत
कोरोना के साथ डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण शहर के ब्लड बैंकों में प्लेटलेट की अचानक से मांग तेजी से बढ़ गई है। रक्तदान करने वाली संस्थाओं के सदस्यों ने बताया कि इमरजेंसी में कॉल कर उनसे प्लेटलेट्स डोनर की सूचना मांगी जा रही है। 1 दिन में 50 से 80 डोनर की जरूरत पड़ गई है। वही कोविड काल में रक्तदाताओं की कम होती संख्या के कारण अस्पतालों में खून की कमी पहले से ही परेशानी का कारण बनी हुई है। ऐसे में डेंगू के दंश ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया है।
कोविड में खून पतला करने की दवा तो डेंगू में ऐसा न करने से बढ़ी चिंता
डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनमें डेंगू और कोविड-19 दोनों ही पॉजिटिव पाए गए हैं। अब तक ऐसे 3-4 मरीज आ चुके हैं। हालांकि अभी तक हमारे पास बहुत गंभीर मरीज नहीं आए हैं। लेकिन आने वाले समय में चुनौती बढ़ सकती है। कोविड में खून पतला करने वाली दवाई देनी होती है और डेंगू में खून पतला करने की दवाई नहीं दी जा सकती। डेंगू और कोविड-19 में तेज बुखार होता है ऐसे में फर्क करना मुश्किल है। मच्छरों से होने वाली तीन बीमारियां डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया खतरनाक हैं।