नोटबंदी को बेशक एक साल हो गया, लेकिन अभी इससे राहत नहीं मिली है। क्योंकि यह एक बार फिर बड़ी मुसीबत खड़ी करेगी, एहतियात के तौर पर पढ़ लें ये वार्निंग।
ये वार्निंग उन लोगों के लिए है, जिन्होंने नोटबंदी के बाद खाते में पुरानी करेंसी में ढाई लाख रुपये या इससे ज्यादा की रकम जमा कराई थी। ऐसे खातों पर आयकर विभाग ने नजर रखी हुई है। इन खातों के मालिकों को जमा पैसे का पाई-पाई का हिसाब देना होगा। सरकार की नजर देश के 25 करोड़ से ज्यादा जनधन अकाउंट पर भी है। क्योंकि पुराने नोट एकदम बंद किए गए थे तो सरकार को आशंका है कि बहुत से लोगों ने जनधन अकाउंट का यूज कर ब्लैकमनी को व्हाइट किया था।
बता दें कि आयकर विभाग उन खाताधारकों को नोटिस भेज रहा है, जिनके खाते में नोटबंदी के बाद ढाई लाख या इससे अधिक रुपये जमा कराए गए। नोटिस के जरिए विभाग ने लोगों को अघोषित धन का ब्यौरा मांगा है। ऐसे में जान लें कि यदि आप समय रहते धन का खुलासा करता है तो 30 फीसदी टैक्स और 10 फीसदी पेनाल्टी वसूली जाएगी। 33 प्रतिशत सरचार्ज अलग से वसूला जाएगा।
रोहतक में आयकर विभाग की प्रधान आयुक्त हिमालनी कश्यप ने यह जानकारी दी। बताया कि अगर पैसा गैरकानूनी निकला तो 40 फीसदी टैक्स (टैक्स और पेनाल्टी) देनी होगा। कुल रकम पर 33 फीसदी सरचार्ज अलग वसूला जाएगा। इन दोनों को जोड़कर मोटे तौर पर लगभग 50 फीसदी तक टैक्स, पेनाल्टी और सरचार्ज देना होगा। वहीं इस पैसे का 25 फीसदी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण डिपॉजिट योजना में 25 फीसदी धन जमा हो जाएगा।
प्र्रधानमंत्री कल्याण योजना में जमा होने वाला धन चार साल बाद तो वापस मिल जाएगा, लेकिन इस पर ब्याज नहीं दिया जाएगा। प्रधान आयुक्त ने बताया कि नोटबंदी के बाद जिन खातों में ढाई लाख से अधिक की धनराशि जमा हुई है, उन खाताधारकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। बताया कि नोटिस भेजकर ऐसे लोगों से जवाब तलब किया जाएगा। गलत पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।