अनंतनाग में सेना और आतंकवादियों के बीच हुए मुठभेड़ में शहीद जवान हैप्पी सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कर दिया गया है। इस दौरान हाथ में सेहरा लिए बिलखती बहन और पिता के बयान ने सभी के आंखों में आंसू ला दिए।
2 of 6
शहीद हैप्पी सिंह की अंतिम यात्रा
शहीद हैप्पी सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके पैतृक गांव बठिंडा जिले के रामनगर में सेना के द्वारा सलामी देने के बाद किया गया। इस दौरान पूरा गांव हैप्पी सिंह अमर रहें के नारों से गूंज उठा। शहीद जवान के भाई बलजीत सिंह लेह में तैनात होने के कारण शुक्रवार शाम को रामनगर पहुंचे। इसके बाद ही शहीद का अंतिम संस्कार परिवार की तरफ से किया गया। अंतिम संस्कार मौके के पर पंजाब सरकार का कोई भी बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा ।
हालांकि इस दौरान मौड मंडी से आप विधायक जगदेव सिंह कमालू और प्रशासनिक अधिकारी जरूर मौजूद रहे। अंतिम संस्कार के बाद शहीद के पिता देवराज ने केंद्र सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि समय-समय की सरकारें दिल्ली में बैठकर बड़े-बड़े बयान दे देती हैं, लेकिन करती कुछ नहीं और हमारा दुश्मन पाकिस्तान हमारे जवानों का कत्लेआम कर रहा है।
शहीद के पिता ने कहा कि पाकिस्तान के साथ या तो दो-दो हाथ करो, नहीं तो उनके बच्चें मत मरवाओ। पिता ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि, नापाक हरकत करने वाले पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए और हमारे देश के जितने जवानों का पाकिस्तानी आतंकियों ने खून बहाया है, उसका बदला लिया जाए।
भाई पर फक्र है
शहीद हैप्पी सिंह के भाई पिछले चौदह वर्ष से भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शहीद के भाई बलजीत सिंह ने कहा कि उन्हें अपने छोटे भाई पर फक्र है कि वो आतंकियों से लड़ते हुए देश के लिए कुर्बान हुआ है। उन्होंने बताया कि शहीद हैप्पी सिंह पिछले पांच वर्षो से सेना में थे और वह हर बार कहते थे कि वो देश के लिए कुछ ऐसा करेंगे कि पूरा देश याद रखेगा।