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फेस्टिवल वाली है फरवरी...घूमने के शौकीन छुट्टी प्लान करें, इन 5 सांस्कृतिक मेलों का लुत्फ उठाएं
Mon, 03 Feb 2020 09:08 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 03 Feb 2020 09:08 AM IST
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अतुल्य भारत
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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घूमने के शौकीनों का क्या कहना..। वे न वक्त देखते हैं और न ही अपनी जेब, उन्हें तो बस मौका चाहिए। फरवरी के महीने में घूमने के कई अवसर हैं। इस महीने में ढेरों फेस्टिवल होने जा रहे हैं। इन मेलों में कई तरह के देखने को मिलेंगे, जो न सिर्फ आपके मन को सुकून देंगे, बल्कि आपको सकारात्मक ऊर्जा की दुनिया में ले जाएंगे। जहां से आपका वापस आने का मन नहीं होगा। इसके लिए ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है। ये मेले ऐसे हैं, जिसके लिए ज्यादा लंबी छुट्टी लेने की जरूरत नहीं है। दो से तीन दिन की छुट्टियां ही काफी होती हैं। आइए एक नजर डालते हैं फरवरी में होने वाले मेलों पर...
सूरजकुंड मेला
- फोटो : फाइल फोटो
2 से 16 फरवरी तक सूरजकुंड मेला
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले की शुरुआत दो फरवरी से होने जा रही है। इसे अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला भी कहते हैं। इस मेले की खासियत है कि हर साल आने वाले उत्साही लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है। देश विदेश से लाखों लोग मेले में शिरकत करते हैं। यह मेला कलाकारों के लिए उनकी प्रतिभा और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है। हरियाणा पर्यटन विभाग ने इस बार हिमाचल प्रदेश को थीम स्टेट बनाया है। मेला परिसर को पूरी तरह से हिमाचल के रंग में रंगा जाएगा। कंट्री पार्टनर उज्बेकिस्तान की संस्कृति भी नजर आएगी। मेल में कला, शिल्प, नृत्य, संगीत के अलावा भी बहुत कुछ है, जो आपको रोमांच कर देगा। मेले का समय सुबह साढ़े दस बजे से लेकर रात साढ़े आठ बजे तक रहेगा। सूरजकुंड गुरुग्राम, दिल्ली और फरीदाबाद से सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा है। यदि रेल के माध्यम से जाना चाहते हैं तो दिल्ली सबसे निकटतम रेलवे जंक्शन है। रेलवे स्टेशन से कैब या बस से सूरजकुंड की यात्रा कर सकते हैं।
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले की शुरुआत दो फरवरी से होने जा रही है। इसे अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला भी कहते हैं। इस मेले की खासियत है कि हर साल आने वाले उत्साही लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है। देश विदेश से लाखों लोग मेले में शिरकत करते हैं। यह मेला कलाकारों के लिए उनकी प्रतिभा और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है। हरियाणा पर्यटन विभाग ने इस बार हिमाचल प्रदेश को थीम स्टेट बनाया है। मेला परिसर को पूरी तरह से हिमाचल के रंग में रंगा जाएगा। कंट्री पार्टनर उज्बेकिस्तान की संस्कृति भी नजर आएगी। मेल में कला, शिल्प, नृत्य, संगीत के अलावा भी बहुत कुछ है, जो आपको रोमांच कर देगा। मेले का समय सुबह साढ़े दस बजे से लेकर रात साढ़े आठ बजे तक रहेगा। सूरजकुंड गुरुग्राम, दिल्ली और फरीदाबाद से सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा है। यदि रेल के माध्यम से जाना चाहते हैं तो दिल्ली सबसे निकटतम रेलवे जंक्शन है। रेलवे स्टेशन से कैब या बस से सूरजकुंड की यात्रा कर सकते हैं।
फाइल फोटो
7 से 9 फरवरी तक वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल
भारत के सबसे बड़े संगीत महोत्सव में से एक उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन सात से नौ फरवरी को होने जा रहा है। फेस्टिवल के पांचवें संस्करण में फ्रांस, स्विट्जरलैंड, कुर्दिस्तान, ईरान, लेबनान, पुर्तगाल और भारत समेत 13 देशों के 150 से अधिक संगीतज्ञ और कलाकार अपना जादू बिखेरेंगे। इस महोत्सव की इतनी धूम है कि हर साल इसे 50 हजार से ज्यादा लोग देखने आते हैं। इस बार की थीम वीआर द वर्ल्ड-यूनिटी इन डाइवर्सिटी रखी गई है। इस महोत्सव में पंजाब फोक, रैप, हिपहॉप, स्विट्जरलैंड का रॉक, फ्रांस का इलेक्ट्रो जैज, सूफियाना, राजस्थानी फोक, इंडियन पाप एंड रॉक, रागा, बॉलीवुड सहित सुर ताल सुनने को मिलेंगे। फेस्टिवल में भारत की गिन्नी माही, सुधा रघुरामन, मामी खान, थाइकुदम ब्रिज, रवि जोशी, अंकुर तिवारी और घलत परिवार के अलावा माली के हबीब कोयटे, फ्रांस के नो जैज सहित स्पेन और स्विट्जरलैंड की कई नामचीन हस्तियां शामिल होंगी। ज्यादा जानकारी के लिए आप http://www.udaipurworldmusicfestival.com/ वेबसाइट पर जा सकते हैं।
भारत के सबसे बड़े संगीत महोत्सव में से एक उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन सात से नौ फरवरी को होने जा रहा है। फेस्टिवल के पांचवें संस्करण में फ्रांस, स्विट्जरलैंड, कुर्दिस्तान, ईरान, लेबनान, पुर्तगाल और भारत समेत 13 देशों के 150 से अधिक संगीतज्ञ और कलाकार अपना जादू बिखेरेंगे। इस महोत्सव की इतनी धूम है कि हर साल इसे 50 हजार से ज्यादा लोग देखने आते हैं। इस बार की थीम वीआर द वर्ल्ड-यूनिटी इन डाइवर्सिटी रखी गई है। इस महोत्सव में पंजाब फोक, रैप, हिपहॉप, स्विट्जरलैंड का रॉक, फ्रांस का इलेक्ट्रो जैज, सूफियाना, राजस्थानी फोक, इंडियन पाप एंड रॉक, रागा, बॉलीवुड सहित सुर ताल सुनने को मिलेंगे। फेस्टिवल में भारत की गिन्नी माही, सुधा रघुरामन, मामी खान, थाइकुदम ब्रिज, रवि जोशी, अंकुर तिवारी और घलत परिवार के अलावा माली के हबीब कोयटे, फ्रांस के नो जैज सहित स्पेन और स्विट्जरलैंड की कई नामचीन हस्तियां शामिल होंगी। ज्यादा जानकारी के लिए आप http://www.udaipurworldmusicfestival.com/ वेबसाइट पर जा सकते हैं।
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जैसलमेर फेस्टिवल
- फोटो : अमर उजाला
जैसलमेर डेजर्ट फेस्टिवल भर देगा रोमांच से
जैसलमेर जैसी खूबसूरत और रोमांचक जगह जाने का मौका नहीं छोड़ना चाहिए। 7 से 9 फरवरी तक यहां पर जैसलमेर डेजर्ट फेस्टिवल शुरू होने जा रहा है। यह फेस्टिवल भारत के साथ साथ पूरी दुनिया में मशहूर और लोकप्रिय है। इस फेस्टिवल में मनोरंजन के लिए ऊंटों की दौड़, पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता जैसे इवेंट कराए जाते हैं। लंबी मूंछ, मिस्टर डेजर्ट, फायर डांस जैसे कार्यक्रम मेले को बेहद खास बनाते हैं। भारत के साथ-साथ विदेशों से आए कलाकार भी इस फेस्टिवल में अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। जैसलमेर से करीब 40 किमी दूर स्थित रेत टिब्बा में यह फेस्टिवल मनाया जाता है। इसमें राजस्थान के लोक नृत्य, लोक-संगीत, लोक संस्कृति, घूमर और स्थानीय कलाकारों की बेहतरीन परफार्मेंस देखने को मिलेगी। यहां आपको पोलो खेलने से लेकर डेजर्ट सफारी का भी आनंद उठाने का मौका मिलेगा। अगर आपको हाथ से बनी चीजों का शौक है, तो यहां आप हैंडक्राफ्टेड कपड़े, बैग्स, फुटवियर आदि की खूब शापिंग कर सकते हैं। यहां जाएं तो साथ एक कैमरा या फिर अच्छे कैमरे वाला स्मार्ट फोन जरूर ले जाएं। यहां खींची गई तस्वीरें यादगार होंगी।
जैसलमेर जैसी खूबसूरत और रोमांचक जगह जाने का मौका नहीं छोड़ना चाहिए। 7 से 9 फरवरी तक यहां पर जैसलमेर डेजर्ट फेस्टिवल शुरू होने जा रहा है। यह फेस्टिवल भारत के साथ साथ पूरी दुनिया में मशहूर और लोकप्रिय है। इस फेस्टिवल में मनोरंजन के लिए ऊंटों की दौड़, पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता जैसे इवेंट कराए जाते हैं। लंबी मूंछ, मिस्टर डेजर्ट, फायर डांस जैसे कार्यक्रम मेले को बेहद खास बनाते हैं। भारत के साथ-साथ विदेशों से आए कलाकार भी इस फेस्टिवल में अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। जैसलमेर से करीब 40 किमी दूर स्थित रेत टिब्बा में यह फेस्टिवल मनाया जाता है। इसमें राजस्थान के लोक नृत्य, लोक-संगीत, लोक संस्कृति, घूमर और स्थानीय कलाकारों की बेहतरीन परफार्मेंस देखने को मिलेगी। यहां आपको पोलो खेलने से लेकर डेजर्ट सफारी का भी आनंद उठाने का मौका मिलेगा। अगर आपको हाथ से बनी चीजों का शौक है, तो यहां आप हैंडक्राफ्टेड कपड़े, बैग्स, फुटवियर आदि की खूब शापिंग कर सकते हैं। यहां जाएं तो साथ एक कैमरा या फिर अच्छे कैमरे वाला स्मार्ट फोन जरूर ले जाएं। यहां खींची गई तस्वीरें यादगार होंगी।
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गोवा कार्निवाल
- फोटो : फाइल फोटो
22 से 25 फरवरी को गोवा कार्निवाल
आप यदि इस बार न्यू ईयर पर गोवा नहीं जा पाए हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। 22 फरवरी से गोवा कार्निवाल शुरू हो रहा है। इस दौरान महाशिवरात्रि 21 फरवरी यानी शुक्रवार को पड़ रही है। इसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी, ऐसे में इस कार्निवाल में एंज्वाय करने के अलावा आप सनसेट देखते हुए बीच पर रिलेक्स कर सकते हैं। यह फेस्टिवल पणजी, मापूसा, मडगांव और वास्को डी गामा में मनाया जा रहा है। इस बार का फेस्टिवल प्लास्टिक फ्री रहेगा। फेस्टिवल में संगीत, नृत्य, छोटे अवधि के नाटक आपको रोमांच से भर देंगे। इसकी शुरुआत एक भव्य परेड से होती है, जिसमें नर्तकी, बैंड, कलाबाज और अलग अलग रूप धारण किए होते हैं। यहां पर आप बेहतरीन खाने के साथ उच्च क्वालिटी की वाइन का भी लुत्फ उठा सकते हैं। गोवा कार्निवाल के लिए किसी भी टिकट की आवश्यकता नहीं है। गोवा कार्निवाल के वक्त बहुत भीड़ होती है। ऐसे में आप जाना चाहते हैं तो पहले से ही होटल की बुकिंग करवा दें।
आप यदि इस बार न्यू ईयर पर गोवा नहीं जा पाए हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। 22 फरवरी से गोवा कार्निवाल शुरू हो रहा है। इस दौरान महाशिवरात्रि 21 फरवरी यानी शुक्रवार को पड़ रही है। इसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी, ऐसे में इस कार्निवाल में एंज्वाय करने के अलावा आप सनसेट देखते हुए बीच पर रिलेक्स कर सकते हैं। यह फेस्टिवल पणजी, मापूसा, मडगांव और वास्को डी गामा में मनाया जा रहा है। इस बार का फेस्टिवल प्लास्टिक फ्री रहेगा। फेस्टिवल में संगीत, नृत्य, छोटे अवधि के नाटक आपको रोमांच से भर देंगे। इसकी शुरुआत एक भव्य परेड से होती है, जिसमें नर्तकी, बैंड, कलाबाज और अलग अलग रूप धारण किए होते हैं। यहां पर आप बेहतरीन खाने के साथ उच्च क्वालिटी की वाइन का भी लुत्फ उठा सकते हैं। गोवा कार्निवाल के लिए किसी भी टिकट की आवश्यकता नहीं है। गोवा कार्निवाल के वक्त बहुत भीड़ होती है। ऐसे में आप जाना चाहते हैं तो पहले से ही होटल की बुकिंग करवा दें।