वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ प्रकरण में मंगलवार को क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान बचाव पक्ष की ओर से हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा द्वारा उनके पिता वीएस कुंडू और रिश्तेदार वकील राजदीप टकोरिया से फोन पर संपर्क होने का शिकायतकर्ता ने इंकार किया।
बचाव पक्ष ने उनसे सवाल किए कि पूर्व सीएम हुड्डा ने उनके पिता से फोन पर केस दर्ज होने को लेकर बात की थी। इस पर वर्णिका ने जवाब दिया कि हुड्डा की न तो उनसे कोई बात हुई और न ही उनके पिता या परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ। हुड्डा का उनके व्यक्तिगत जीवन से कोई लेना-देना नहीं है। वर्णिका ने बचाव पक्ष के इस सवाल का भी खंडन किया कि उनसे किसी भी राजनीतिक दल या मीडिया हाउस से भी संपर्क किया।
मंगलवार को क्रॉस के दौरान वर्णिका ने एक दिन पहले उसके मोबाइल की लोकेशन को लेकर बचाव पक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का अदालत में अपना पक्ष रखा। उसने कॉल डिटेल में तकनीकी खामी होने की बात कही। मंगलवार को वर्णिका कुंडू का क्रॉस एग्जामिनेशन एग्जामिनेशन पूरा हो गया। अब अगली सुनवाई 23 जनवरी को होगी। उस दिन वर्णिका के पिता और हरियाणा कैडर के आईएएस वीएस कुंडू के बयान दर्ज किए जाएंगे।
4 of 9
वर्णिका कुंडू
- फोटो : ANI
क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान बचाव पक्ष के एडवोकेट रबिंद्रा पंडित ने वर्णिका से उसके व्यक्तिगत, सामाजिक और सोशल साइट्स से जुड़े सवाल किए। इस पर वर्णिका ने माना कि वह फेसबुक पर है। उसने बचाव पक्ष के इस सवाल का विरोध किया कि वह हरियाणा के पूर्व सीएम हुड्डा की प्रशंसक हैं। अभियोजन पक्ष ने बचाव पक्ष के ऐसे सवालों को उसके व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा होने पर इसका विरोध किया और ऐसे सवाल उसके निजी जीवन पर अतिक्रमण बताते हुए आपत्ति जताई।
5 of 9
Varnika Kundu and Varinder Singh Kundu
- फोटो : File Photo
इसके साथ ही वर्णिका ने बचाव पक्ष के उन सभी आरोपों को नकार दिया कि उनके पिता और वकील राजदीप टकोरिया का भूपिंदर सिंह हुड्डा से टेलीफोन से कोई संपर्क हुआ था। उसने बचाव पक्ष के उन सभी आरोपों को खारिज किया कि उसने पुलिस में झूठा केस दर्ज कराया था और उसके बाद हरियाणा में सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ अन्य प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों ने उनका विरोध शुरू कर दिया था। क्योंकि एक आरोपी का पिता सत्ताधारी पार्टी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वहीं वर्णिका ने बचाव पक्ष के उन सुझावों का भी खंडन किया कि इस मामले में किसी भी राजनीतिक दल या मीडिया की कोई दखलंदाजी है।