अकेली छात्रा शायद हिम्मत न दिखाती, लेकिन जब प्रिंसिपल की नापाक हरकत की शिकार 14 छात्राएं एकजुट हुईं तो हंगामा तय था। पुलिस भी पिटी। देखिए, पूरी रिपोर्ट।
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छेड़छाड़ से परेशान छात्राओं ने कॉलेज प्रिंसीपल को पीटा
- फोटो : अमर उजाला
मामला, रोहतक के होम्योपैथिक मेडिकल कालेज से जुड़ा है। छात्राओं का आरोप है कि प्रिंसिपल उन्हें अपने कमरे में बुलाकर बीपी जांच सिखाने के बहाने गलत हरकतें करता था। इंटर्न छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी प्राचार्य को एनजीओ की महिलाओं और विद्यार्थियों ने जमकर धुना। मामला इतना भड़क गया कि प्राचार्य की जान बचाने पहुंची पुलिस भी चपेटे में आ गई। इधर पुलिस प्राचार्य की जान बचाने की जुगत में थी, उधर कॉलेज में गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ कर दी।
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छेड़छाड़ से परेशान छात्राओं ने कॉलेज प्रिंसीपल को पीटा
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इंटर्न छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्राचार्य अपने कमरे में बुलाकर बीपी जांचना सिखाने के नाम पर छेड़खानी करता है। विरोध कर रही छात्राओं ने बताया कि मंगलवार दोपहर ढाई बजे एक छात्रा प्राचार्य के कक्ष से रोती हुई निकली और उसने सारी बात बताई। छात्रा ने बताया कि प्राचार्य ने उसके साथ अपने कक्ष में गलत हरकत की। छात्राओं ने प्राचार्य से बात की तो उन्होंने उल्टे तमीज से पेश आने की बात कही। मामले की जानकारी प्राचार्य की पत्नी को दी गई।
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छेड़छाड़ से परेशान छात्राओं ने कॉलेज प्रिंसीपल को पीटा
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प्राचार्य की पत्नी भी उल्टा उन्हें समझाने लगी कि वे गलत समझ रही हैं। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो बुधवार को 11 बजे कॉलेज के चेयरमैन को बुलाया गया, लेकिन वे 12 बजे तक नहीं आए। चेयरमैन ने कहा कि जांच कमेटी गठित कर देंगे, जिसमें छात्राओं को चार-चार सबूत देने होंगे। इसके बाद पुलिस को फोन किया और 1091 पर भी शिकायत दी गई। शिकायत पर पुलिस कालेज में आई लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
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पुलिस ने सभी छात्राओं को कहा कि वे अपनी अलग-अलग शिकायत लिख कर लाएं। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। छात्राओं ने मांग करते हुए कहा कि प्राचार्य को निलंबित करने के अलावा कालेज प्रबंधन के अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पीजीआई प्रबंधन से मांग की कि हमारा दूसरे कॉलेज में माइग्रेशन कर दिया जाए। छात्राओं ने कॉलेज में अपनी जान को खतरा बताया।