अब एक और बराला कांड सामने आया है, इसबार रेप का आरोप लगा है और वह भी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के पोते पर। देखिए लड़की ने क्या बोला...
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के पोते के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली पीड़िता और उसकी मां को वारदात के बाद गांव बढ़ईखेड़ा से पलायन करने को मजबूर होना पड़ा था। लगभग डेढ़ माह से वे फतेहाबाद के एक गांव (पीड़िता ने सुरक्षा कारणों से लोकेशन ना देने का आग्रह किया है) में शरण लिए हुए थी।
इस बीच बुधवार सुबह हुए नाटकीय घटनाक्रम में पीड़िता और उसकी मां अपने एक रिश्तेदार के साथ टोहाना के गांव बढ़ईखेड़ा में लौट आईं। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया है कि वे स्थायी रूप से गांव बढ़ईखेड़ा आए हैं या वापस अपने वर्तमान ठिकाने पर लौटेंगी।
बुधवार को मीडिया से बातचीत में पीड़िता ने सीधे-सीधे पुलिस पर बराला के दबाव में काम करने का आरोप जड़ा। पीड़िता ने ये भी आरोप लगाया कि टोहाना पुलिस ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के दबाव में आकर उसके बयान बदलवाए। 26 मई को हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि दोनों ने उसके साथ रेप किया। इसी याचिका के आधार पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से 31 अगस्त तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
मीडिया से बातचीत में पीड़िता ने दो एसएचओ पर भी आरोप लगाए हैं कि इन दोनों ने उस पर दबाव डाला और ये बयान देने को कहा कि उसे अपने परिवार से खतरा है और वह उनके साथ नहीं जाना चाहती। पीड़िता ने कहा है कि सदर एसएचओ प्रदीप ने उसे तत्कालीन भूना एसएचओ बिमला देवी के पास भेजा था, जिन्होंने उस पर दबाव दिया था और मजबूरी में उसे लिखना पड़ा था कि वह पारिवारिक समस्या के चलते खुद दोनों के साथ गई थी।