10 मिनट तक दलित परिवार पर गोलियां बरसाकर युवक को मौत के घाट उतारने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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दलित नेता की हत्या करने वाले आरोपी गिरफ्तार
वारदात पंजाब के तरनतारन में अंजाम दी गई थी। गांव पलासौर में सरेआम खूनी खेल खेला गया था और पुलिस ने ऐसा करने वालों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। चार व्यक्तियों और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों को एसएसपी हरजीत सिंह के दिशा निर्देश पर सीआईए स्टाफ पुलिस तरनतारन और थाना सिटी की पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया है।
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दलित नेता की हत्या करने वाले आरोपी गिरफ्तार
प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी हरजीत सिंह ने बताया कि गुरप्रीत सिंह उर्फ बब्बू पूर्व सरपंच और उसके करीब पचास साथियों ने जसवंत सिंह के घर घुसकर परिवार पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस गोलीबारी में दलित नेता सुरजीत सिंह की मौत हो गई, वहीं उसका छोटा भाई जसवंत सिंह बाऊ गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे गुरु नानक देव सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तरनतारन में दाखिल करवाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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अकाली सरपंच ने दलित परिवार पर बरसाईं गोलियां
बताया जाता है कि वारदात आपसी रंजिश के चलते अंजाम दी गई थी। इसके पीछे का कारण 29 जनवरी 2017 को गांव पलासौर में अकाली दल द्वारा रखी गई मीटिंग में हुआ विवाद बताया जा रहा है। अकाली वर्कर सतनाम सिंह ने बताया कि चुनावों से पहले उन्होंने गांव में चुनावी मीटिंग रखी थी। जिसमें शिअद के प्रत्याशी हरमीत सिंह संधू आए थे। संधू के जाने के बाद वहां मौजूद गुरप्रीत सिंह बब्बू की दलित नेता सुरजीत सिंह से कहासुनी हो गई।
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पंजाब में अकाली सरपंच ने मार डाला दलित नेता
इस कहासुनी के बीच बब्बू ने दलित नेताओं से गाली-गलौच की। हाथापाई में बब्बू की पगड़ी उतर गई। इसके चलते दोनों में रंजिश हो गई और फिर इसने हत्याकांड का रूप धारण कर लिया। एसएसपी ने कहा कि आरोपियों की पहचान अमनप्रीत कौर पुत्री वरियाम सिंह, हरप्रीत कौर उर्फ पूंडी पत्नी हीरा सिंह निवासी पलासौर, गुरप्रीत सिंह उर्फ बब्बू, अमरपाल सिंह दोनों पुत्र जरनैल सिंह, जसवंत सिंह पुत्र अजैब सिंह, विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की पुत्र पलविंदर सिंह के रूप में हुई है।