2000 के जाली नोटों की 42 लाख करंसी के साथ पकड़े गए मोदी के खास 'इंजीनियर' के घर में भी पुलिस को काफी 'खजाना' मिला। नोट 1000, 500 के थे।
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2000 के नकली नोट छापने वाले मोहाली के भाई-बहन
मोहाली पुलिस ने जाली करेंसी समेत पकड़े गए आरोपी के जीरकपुर स्थित पाइन होम्स सोसायटी में दबिश दी। इस दौरान आरोपी के घर से 14 लाख रुपये की नगदी बरामद हुई। बरामद सारे नोट पुराने हैं। पुलिस ने इन को अपने कब्जे में ले लिया। वहीं, आरोपी के कैश से पुलिस को एक कार्ड भी मिला है। यह कार्ड उन्हीं व्यक्तियों में से किसी एक का है। जिसके साथ आरोपी ने नोट बदलने के नाम पर ठगी की थी। पुलिस ने उक्त सारे धन को केस प्रॉपर्टी बना लिया है।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
- फोटो : अमर उजाला
जिक्रयोग है कि पुलिस ने 29 नवंबर को तीनों आरोपियों अभिनव वर्मा, उसकी कजिन विशाखा व सूरज नागपाल को जगतपुरा से पकड़ा था। वह हरियाणा नंबर वाली लाल बत्ती लगी ऑडी कार में जाली करेंसी लेकर जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को जब पकड़ा था उस समय बताया था कि उनके पास से 42 लाख की जाली करेंसी मिली है। जो दो-दो हजार के नोट थे। उक्त लोग तीस फीसदी रकम काटकर लोगों के पुराने नोट नए नोटों में बदलते थे।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
अदालत में आरोपी अभिनव के वकील नवीन सैनी ने कहा कि अभिनव की लाइव ब्रेल नाम से एक कंपनी है। इसमें कई मुलाजिम काम करते हैं। मुलाजिमों को बीते माह की सैलरी देनी है। ऐसे में उसके मनीमाजरा स्थित यस बैंक और चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एचडीएफसी बैंक की चेक बुक जारी कर दी जाए। अदालत ने मामले में अब तक अपना फैसला रिजर्व रखा है। साथ ही सात दिसंबर को पुलिस को इस मामले में जवाब देने को कहा गया है।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
अदालत में आरोपी के वकील ने कहा कि पुलिस ने तीनों को जीरकपुर से पकड़ा है। जिस होटल के पास से तीनों पकड़े गए हैं। उसमें लगे सीसीटीवी की फुटेज को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने अर्जी लगाई। अदालत ने अर्जी मंजूर कर ली है। वहीं, आरोपी के वकील ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इसका प्रयोग करेंगे।