कुछ घंटे हुए थे दुनिया में आए कि अमानवीयता का शिकार हो गई नवजात। बाप ने ही उसके साथ ऐसी हरकत कर दी कि मां के होश उड़ गए।
मामला मोहाली का है। महंगाई के इस दौर में दो बेटों व पत्नी का खर्च नहीं उठा पा रहे एक व्यक्ति अपनी नवजात बेटी को जन्म लेने के कुछ घंटे बाद ही बेचने की कोशिश की। हालांकि सरकारी अस्पताल डॉक्टर की होशियारी से वह ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाया और सलाखों के पीछे पहुंच गया। जबकि बच्ची को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोपी की पहचान जसपाल सिंह मूल निवासी अमृतसर हाल निवासी देसूमाजरा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी पर बलौंगी थाने में आईपीसी की धारा 317 व जुवेनाइल एक्ट की धारा 75 व 81 के तहत केस दर्ज किया है। एसएचओ नवीन पाल लहल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। हालांकि इमरजेंसी में लगे कैमरे काम नहीं कर रहे थे। ऐसे में पुलिस को जांच आगे बढ़ाने में काफी मुश्किल आ रही है।
जसपाल सिंह खरड़ स्थित नामी शापिंग माल में काम करता है। वह पत्नी मनजीत व दो बेटों के साथ रहता है, जबकि उसकी पत्नी ने सोमवार दोपहर में एक बच्ची को जन्म दिया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह हर महीने करीब दस हजार रुपये कमा लेता है। उसकी पत्नी लोगों के घरों में झाड़ू पोछा करके कुछ पैसे कमा लेती है। लेकिन तबीयत ठीक न रहने के कारण वह ज्यादा काम नहीं कर पाती है। जैसे ही उसके घर बेटी पैदा हुई।
उसके बाद आरोपी उसे प्लास्टिक बैग में लेकर घर से निकल पड़ा। इस दौरान पहले वह फेज-छह स्थित नामी प्राइवेट अस्पताल में गया, लेकिन वहां से भगा दिया गया। इसके बाद वह सरकारी अस्पताल पहुंचा। वहां पर थोड़ी देर इंतजार करने के बाद जगदीप सिंह बराड़ से मिला। उसने बताया कि उसे लड़का हुआ है, जिसे बेचने आया है। उसने डॉक्टर को प्लास्टिक बैग में रखे बच्चे को दिखाया। बच्चा उस समय उल्टी करने लगा। डॉक्टर ने उसे बातों में उलझाकर पुलिस को बुलाया।