सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल शार्प शूटर जगरूप रूपा और मनप्रीत मनु के एनकाउंटर पर कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने चुप्पी तोड़ी है। बराड़ ने सोशल मीडिया पर कहा है कि दोनों हमारे बब्बर शेर थे। उन्हें आत्मसमर्पण की सलाह दी थी लेकिन उससे पहले ही दोनों मुठभेड़ में मारे गए।
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पंजाब पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ ने लिखा है कि वे दोनों के परिवारों की पूरी मदद करेगा। रूपा और मनु के अहसान को वह कभी नहीं उतार पाएगा। गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि मुठभेड़ के दिन जब पुलिस से टकराव हुआ तो रूपा का फोन आया था। उसने कहा था कि पुलिस ने हमें घेर लिया है। मैंने दोनों को सलाह दी थी कि पुलिस के सामने सरेंडर कर दो।
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गैंगस्टर जगरूप सिंह रूपा।
- फोटो : एएनआई/संवाद
बाद में मैं तुम्हें बाहर निकलवा लूंगा लेकिन दोनों ने यह कहकर सलाह नहीं मानी कि अभी हमें आखिरी परफार्मेंस दिखानी बाकी है। हम सरेंडर नहीं करेंगे। मेरे दोनों शेरों ने छह घंटे तक पुलिस को रोककर रखा।
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अमृतसर मुठभेड़ की तस्वीर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)
सिद्धू मूसेवाला की हत्या का जिक्र करते हुए बराड़ ने कहा कि उसे तो आठ लोगों ने मारा था, लेकिन अमृतसर में एनकाउंटर के वक्त एक हजार पुलिस वाले थे फिर भी दोनों शेरों ने पूरा मुकाबला किया। बराड़ ने लिखा है कि दोनों ने हमारे गैंग के लिए बहुत कुछ किया है। इसके लिए हम हमेशा अहसानमंद रहेंगे। दोनों के परिवारों की पूरी मदद की जाएगी।
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अमृतसर मुठभेड़ ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पैसे नहीं देने की बात झूठ
गोल्डी बराड़ ने अंकित को पैसे नहीं दिए जाने की बात को झूठ बताया। उसने पोस्ट में लिखा है कि पुलिस मीडिया में गलत बयान दे रही है। अंकित मेरा भाई है और उसे पूरी तरह से मैंने सेट कर दिया है। पैसे नहीं दिए जाने की बात झूठी है। पुलिस गलत बयानबाजी न करे।