नोटबंदी का एक बड़ा फायदा ये भी है, चोरी-छीना झपटी के मामले एकदम कम हो गए है। सभी अपने पैसे जमा कराने में लगे हुए है।
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नोट की चोट, चोर-लुटेरे हुए पस्त
पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद होने का असर अपराध पर भी दिखाई दे रहा है। जब से नोटबंदी हुई है प्रदेश के अधिकतर जिलों में चोरी, स्नैचिंग और लूट आदि की वारदातें न के बराबर हो रही हैं।
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बैंक के बाहर लगी भारी भीड़
स्थिति यह है कि जहां पहले हर दूसरे दिन चोरी और स्नैचिंग की कोई न कोई वारदात सामने आ जाती थी। अब बमुश्किल कोई वारदात सामने आ रही है। माना जा रहा है कि नोटबंदी की वजह से अपराधी वारदातें करने से बच रहे हैं। हालांकि, वाहन चोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
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नोट की चोट, चोर-लुटेरे हुए पस्त
चोरी, लूट और स्नेचिंग की वारदात में कमी आने से फिलहाल पुलिस राहत की सांस ले रही है। नोट बंदी से पहले आये दिन कोई न कोई वारदात होने के बाद पुलिस को बदमाशों के पीछे दौड़ना पड़ता था। चोरी और स्नैचिंग नहीं होने से लोगों को भी फिलहाल सुकून है।
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नोट की चोट, चोर-लुटेरे हुए पस्त
- फोटो : amarujala
खासकर महिलाओं ने चैन की सांस ली है। रोहतक में नोटबंदी से पहले महिलाओं के साथ स्नैचिंग के कई मामले सामने आये थे। नोटबंदी के बाद से कोई वारदात नहीं हुई है। ऐसा ही हाल प्रदेश के अन्य जिलों में भी देखा जा रहा है।