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राम रहीमः जन्मतिथि में खेल, 10वीं में फेल, 20 साल की जेल और अब उम्रकैद की सजा

Fri, 18 Jan 2019 09:02 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 18 Jan 2019 09:02 AM IST
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chhatrapati murder case, verdict on ram rahim, dera sacha sauda
Ram Rahim - फोटो : File Photo
कौन है राम रहीम, जिसके बारे में हर कोई जानना चाहता है। करोड़ों फोलोअर्स हुआ करते थे, लेकिन किस्मत ने ऐसा फेर लिया कि वो अर्श से फर्श पर आ गया और आज जेल की सलाखों के पीछे है।


 
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राम रहीम
गुरमीत राम रहीम सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। इनका जन्म 15 अगस्त, 1967 को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के गुरूसर मोदिया में हुआ था। मां का नाम नसीब कौर इंसा है और पिता का नाम मग्घर सिंह। पिता जमींदार थे। बाबा की शिक्षा गुरुसर के ही एक स्कूल से हुई, लेकिन बाबा 10वीं फेल हैं। राम रहीम की पत्नी का नाम हरजोत कौर है।
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ram rahim
लेकिन राम रहीम का जन्म 15 अगस्त 1967 को नहीं, बल्कि 10 जुलाई 1967 को पंजाब की तहसील अबोहर के गांव कीकरखेड़ा में अपनी ननिहाल में हुआ था। माता नसीब कौर के मुताबिक, गुरमीत का नाम पहले हरपाल था, इनके बर्थ सर्टिफिकेट पर भी इनका नाम हरपाल ही लिखा गया है और जन्म तारीख 10 जुलाई 1967 है।
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पिता मग्घर सिंह ही उसे ननिहाल से राजस्थान के श्री गंगानगर के गांव गुरुसर मोडिया में दादा चेत सिंह के घर ले आए। यहां वह डेरे के संपर्क में आया और गुरमीत सिंह नाम रख लिया। क्योंकि इस दिन 15 अगस्त आजादी का दिन था, तो उसने इसी तारीख को अपना जन्मदिन मनाना शुरू कर दिया। 10वीं में उनकी सप्लीमेंट्री आ गई। 10वीं के सर्टिफिकेट में उसकी जन्म तारीख 15 अगस्त 1967 ही है।
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Ram Rahim - फोटो : File Photo
राम रहीम ने महज 7 साल की उम्र में ही गद्दी संभाल ली थी। 31 मार्च, 1974 को तत्कालीन डेरा प्रमुख शाह सतनाम सिंह जी ने ये नाम दिया था। 23 सितंबर, 1990 को शाह सतनाम सिंह ने देशभर से अनुयायियों का सत्संग बुलाया और गुरमीत राम रहीम सिंह को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। डेरा प्रमुख बनने के बाद गुरमीत सिंह का नाम संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां हो गया।
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