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सुभाष बराला पर टूटा डबल कहर, घर में मातम छाया और जाट नेता मलिक भड़के
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद(हरियाणा)
Updated Sun, 20 Aug 2017 09:52 AM IST
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हरियाणा बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला पर अब एक और कहर टूट पड़ा। दरअसल, उनके घर में मातम छा गया है। वहीं जाट नेता यशपाल मलिक के तेवर भी तीखे है। पहले आईएएस की बेटी वर्णिका कुंडू से छेड़छाड़ मामले में बेटा विकास बराला गिरफ्तार हुआ। अब उनकी बहन यानी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की बड़ी बहन अहील्यावती का आकस्मिक निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार गांव बीराण तहसील भादरा ( राजस्थान) मे किया गया।
शोक सभा 24 अगस्त को गांव डांगरा (टोहाना) के निवास स्थान बराला फार्म हॉउस पर रहेगी। दूसरी ओर यशपाल मलिक का कहना है कि समैण गांव में 14 अगस्त को जनसभा पर हुए हमले का सच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला और उनके स्टाफ की एक माह की कॉल डिटेल्स में छिपा है। सरकार बराला और उनके स्टाफ की एक माह की कॉल डिटेल्स सार्वजनिक करे। इससे पता चल जाएगा कि बराला और सूबे सिंह समैण पिछले कई दिनों से लगातार संपर्क में थे। इन दोनों ने ही उन पर हमले की साजिश रची।
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शोक सभा 24 अगस्त को गांव डांगरा (टोहाना) के निवास स्थान बराला फार्म हॉउस पर रहेगी। दूसरी ओर यशपाल मलिक का कहना है कि समैण गांव में 14 अगस्त को जनसभा पर हुए हमले का सच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला और उनके स्टाफ की एक माह की कॉल डिटेल्स में छिपा है। सरकार बराला और उनके स्टाफ की एक माह की कॉल डिटेल्स सार्वजनिक करे। इससे पता चल जाएगा कि बराला और सूबे सिंह समैण पिछले कई दिनों से लगातार संपर्क में थे। इन दोनों ने ही उन पर हमले की साजिश रची।
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सबूत दें तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा
Haryana CM Manohar lal Khattar
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि पुलिस मामले में बड़े मगरमच्छों को बचा रही है। मलिक ने बताया कि पिछले दिनों दिल्ली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलकर उन्होंने समैण में हुए हमले के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी। उन्होंने अमित शाह और मनोहर लाल को बताया है कि उनके स्थानीय विधायक मामले में संलिप्त हो सकते हैं।
इस पर सीएम ने कहा है कि वह मामले में सबूत दें तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इसलिए हमने सबूत के साथ 36 लोगों के नाम पुलिस प्रशासन को दे दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और जिला प्रशासन 36 लोगों के खिलाफ 27 अगस्त तक कार्रवाई नहीं की तो 27 अगस्त की झज्जर में प्रस्तावित रैली में बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 19 मार्च को सरकार के साथ हुए समझौते के तहत मानी गई मांगों पर समिति कायम है।
इस पर सीएम ने कहा है कि वह मामले में सबूत दें तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इसलिए हमने सबूत के साथ 36 लोगों के नाम पुलिस प्रशासन को दे दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और जिला प्रशासन 36 लोगों के खिलाफ 27 अगस्त तक कार्रवाई नहीं की तो 27 अगस्त की झज्जर में प्रस्तावित रैली में बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 19 मार्च को सरकार के साथ हुए समझौते के तहत मानी गई मांगों पर समिति कायम है।