हाईप्रोफाइल चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस ने देश भर में बवाल मचा रखा है। छेड़छाड़ होने से लेकर गिरफ्तारी तक के बीच 4 दिन में बहुत कुछ हुआ, आप भी जानिए क्या और कैसे?
4 अगस्त की रात वारदात के बाद शनिवार दोपहर चंडीगढ़ पुलिस ने कमजोर धाराएं लगाकर आरोपी विकास बराला और आशीष को छोड़ दिया तो बवाल मचा गया। जैसे जैसे समय आगे बढ़ता गया भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला और हरियाणा सरकार पर दबाव बढ़ता गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए सुभाष बराला ने बुधवार दोपहर बेटे विकास बराला और आशीष को पुलिस के समक्ष पेश कर दिया, जिसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने अपहरण की धारा जोड़कर अपनी साख को बचाने का प्रयास किया।
- शुक्रवार (4 अगस्त) देर रात 12.15 बजे सीनियर आईएएस की बेटी वर्णिका कुंडू की कार का सेक्टर-7 पेट्रोल पंप से सफारी सवार आरोपियों ने पीछा किया। इसी रात 12.40 बजे साहसी युवती की सूचना पाते ही पुलिस की पीसीआर ने मनीमाजरा हाउसिंग बोर्ड चौक से आरोपी युवकों को गिरफ्तार किया। देर रात 1.20 बजे हरियाणा के आईएएस अधिकारी अपनी बेटी के साथ शिकायत करवाने के लिए सेक्टर-26 पुलिस थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने शनिवार सुबह 4 बजे आरोपियों के खिलाफ कमजोर धाराओं के खिलाफ मामला दर्ज किया।
- शनिवार(5 अगस्त) सुबह 10 बजे हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष के बेटे और उसके दोस्त के खिलाफ मामला दर्ज होने की खबर राजनीतिक गलियारों और मीडिया तक पहुंची। इसी दौरान साहसी युवती ने भी अपबिती घटना की जानकारी फेसबुक पर डाली। तीन बजे पीड़ित लड़की के मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान दर्ज करवाए गए। शनिवार दोपहर 4.20 बजे बजे पुलिस ने कमजोर धाराओं के साथ आरोपी युवकों ने पंचकूला निवासी एवं भाजपा ने कृष्ण ढुल्ल की गारंटी पर जमानत दे दी।
- रविवार (6 अगस्त) कमजोर धाराएं लगाने और थाने से आरोपियों को जमानत मिलने की खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। लोगों ने भाजपा और आरोपी युवकों के खिलाफ जमकर भंडास निकाली। इसके बाद साहसी लड़की और उकने पिता भी खुलकर मीडिया के समक्ष आ गए और उन्होंने ने भी कमजोर धाराओं को लेकर सवाल उठाए। पुलिस के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज गायब होने से पुलिस की किरकिरी बढ़ गई और हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष पर विरोधी दलों ने इस्तीफे का दबाव बनाना शुरू कर दिया। चंडीगढ़ के साथ साथ हरियाणा में भी भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए।