चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में किरकिरी होने के बाद पुलिस ने विकास बराला को गिरफ्तार करने की स्क्रिप्ट लिखी, ताकि खुद का दामन साफ किया जाए। जानिए कैसे की गई प्लानिंग।
मंगलवार देर रात ही चंडीगढ़ पुलिस ने तय कर लिया था कि विकास को बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा और उसके खिलाफ अपहरण करने की कोशिश की धारा जोड़कर गिरफ्तार किया जाएगा। दरअसल मंगलवार दोपहर को चंडीगढ़ प्रशासन ने गृह मंत्रालय को इस मामले की पूरी रिपोर्ट दे दी थी। उसके बाद गृह मंत्रालय से इशारा मिलते ही इस मामले में नई धारा जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गई है।
चंडीगढ़ पुलिस बुधवार सुबह सात बजे सेक्टर सात स्थित हाउस नंबर 74 में रहने वाले हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के घर पहुंची। पुलिस ने विकास को जांच में शामिल होने के लिए बराला को नोटिस दिया, लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से मना कर दिया। उसके बाद पुलिस ने बराला के घर के बाहर नोटिस लगा दिया। नोटिस के मुताबिक 11 बजे विकास को सेक्टर 26 थाने में बुलाया गया।
इस बात की सूचना मिलते ही बराला के घर के बाहर मीडियाकर्मियों का जमाड़वा लग गया। दूसरी तरफ सेक्टर 26 थाने के बाहर भी मीडियाकर्मियों व एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। लगातार दबाव झेल रहे चंडीगढ़ पुलिस ने सुबह दस बजे प्रेस कांफ्रेंस बुलाई। पुलिस के डीजीपी तेजिंदर लूथरा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दोनों आरोपियों को नोटिस भेजकर 11 बजे जांच व पूछताछ के लिए सेक्टर-26 थाने में बुलाया गया।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सुबूत हैं। पूछताछ में जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। केवल सात मिनट की प्रेस कांफ्रेंस ने उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। वहीं जैसे ही नोटिस की सूचना मिली विपक्षी दल एक्टिव हो गए। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ता सेक्टर 26 थाने पहुंच गए और नारेबाजी कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।