कोटा के बाद चंडीगढ़ देश में टॉपर्स का नया हब बन रहा है। यहां ऐसी ऐसी सुविधाएं मौजूद हैं, जिनका फायदा उठाएंगे तो अच्छे परिणाम ही मिलेंगे।
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खुशियां मनाते स्टूडेंट्स
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चंडीगढ़ ने पहली दफा देश को टॉपर दिया है और इसकी वजह भी काफी चौंकाने वाली है। हालांकि पिछले सेशन में टॉप 10 में एक स्टूडेंट आ गया था। जबकि इस बार तीन स्टूडेंट टॉप 10 में हैं। शहर का एन्वायरमेंट और छात्रों की भीड़ न होना इस सफलता का मुख्य कारण है। परीक्षाओं की तैयारी केलिए कोटा अभी तक हब रहा है, लेकिन वहां लगातार बढ़ रही छात्रों की भीड़ अब माहौल का रुख बदल रही है।
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परीक्षा देकर परीक्षा केंद्र से बाहर आते अभ्यर्थी
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एक्सपर्टस के मुताबिक कोटा में साढ़े तीन से चार लाख छात्र हर साल परीक्षा देते हैं। कहीं न कहीं इतनी भीड़ ही कारण है कि चंडीगढ़ अब कोटा को पछाड़ने लगा है। क्योंकि चंडीगढ़ से हर साल 10 से 12 हजार छात्र ही रहते हैं। स्कूल और कोचिंग सेंटर्स में छात्रों के बैच छोटे हैं, जो तैयारी को सही ढंग से कर पाने का मुख्य कारण हैं।
तकनीक का हो रहा पढ़ाई में इस्तेमाल
परीक्षा पर पार पाने केलिए तकनीक का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। कोचिंग सेंटर्स में रिकॉर्ड किए गए लेक्चर्स छोटी-छोटी अवधि में स्टूडेंट्स को उपलब्ध कराए जाते हैं। जब मन करे स्टूडेंट अपने कंप्यूटर पर लेक्चर देख सकता है और अपनी दुविधा दूर सकता है।
स्कूल की पढ़ाई को नहीं किया जा सकता दरकिनार
एक्सपर्ट केमुताबिक स्कूल की पढ़ाई को दरकिनार नहीं किया जा सकता। क्योंकि बेस वहीं से बनता है। कोचिंग सेंटर्स उससे आगे की तैयारी कराते हैं, जो इस तरह की परीक्षाओं में इस्तेमाल में आती है।