राम रहीम को सजा होने के बाद हनीप्रीत ने इस व्यक्ति को इशारा किया था, जिसके बाद पंचकूला में हिंसा भड़की और 35 लोगों की जान चली गई। जानिए ये कौन है?
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एमएसजी के सीईओ सीपी अरोड़ा
25 अगस्त को सीबीआई अदालत द्वारा गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में हुई हिंसा में एमएसजी के सीईओ सीपी अरोड़ा का अहम रोल है। पुलिस सूत्रों की मानें तो सीपी आरोड़ा पंचकूला स्थित हैफेड के पास 25 अगस्त को लोगों की भीड़ में शामिल था। जहां से उसने डेरा प्रमुख के खिलाफ फैसला आने के बाद लोगों को हिंसा के लिए भड़काया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हिंसा की साजिश डेरे की 25 सदस्यीय कमेटी ने रची थी, इस कमेटी का सीपी अरोड़ा भी मेंबर है। प्लान के मुताबिक अदालत का फैसला आने के बाद हनीप्रीत ने अदालत के बाहर आकर राकेश को इशारा किया, ये इशारा संदेश था हिंसा का।
उसके बाद राकेश ने ये संदेश फोन के जरिये डेरा समर्थकों के बीच मौजूद सीपी आरोड़ा और कोर कमेटी के मेंबरों तक पहुंचाया। इसके बाद संदेश डेरा समर्थकों तक पहुंचने के बाद पंचकूला में हिंसा और आगजनी की घटनाएं शुरू हो गईं। पुलिस सबूत के तौर पर सीपी अरोड़ा की कॉल डिटेल्स खंगालने में जुटी है। सीपी अरोड़ा का पूरा नाम छिंदर पाल अरोड़ा है। सीपी अरोड़ा डेरे के प्रवक्ता आदित्य इंसां का करीबी दोस्त है, जिसकी पुलिस को तलाश है।
2016 में कम तनख्वाह पर किया था ज्वाइन
2016 में सीपी अरोड़ा एमएसजी में आया था। बताया जा रहा है कि वह पहले से कम तनख्वाह पर गुरमीत राम रहीम की कंपनी एमएसजी में उसने ज्वाइन किया। पहले वह गुड़गांव की एक कंपनी में साढ़े छह लाख रुपये की तनख्वाह लेता था। लेकिन डेरे की कंपनी ने पांच लाख रुपये की तनख्वाह फिक्स की थी। इसके पीछे वजह क्या है, इसकी भी पूछताछ पुलिस जांच कर रही है।