तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का हरियाणा के बजट पर खास असर नहीं दिखा। सरकार ने किसानों को फौरी तौर पर कोई राहत नहीं दी है। बल्कि भविष्य के लिए योजनाओं की घोषणा की है। पहले से ही किसानों के कर्जमाफी से इंकार कर चुकी सरकार ने जीरो बजट खेती और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया है। हर खेत, स्वस्थ खेत को 125 मृदा जांच प्रयोगशालाएं और किसान मित्र योजना के तहत 1000 किसान एटीएम खोलने की बड़ी घोषणाएं कर किसानों को लुभाने की कोशिश की है। वहीं, बागवानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आम, अमरूद और खट्टे फलों के बागों पर सब्सिडी की सीमा 16 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रति एकड़ की है।
Haryana Budget 2021: कृषि कानूनों से नाराज किसानों को हरियाणा के बजट में क्या मिला, कौन सी योजनाएं होंगी शुरू, यहां जानें
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नए वित्त वर्ष में किसान मित्र योजना के तहत बैंकों की साझेदारी में किसान एटीएम स्थापित किए जाने हैं। इनका मुख्य उद्देश्य किसानों को वित्तीय सुविधाएं देना है। दो या इससे कम एकड़ वाले किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसान तरीके से मिल सकेगा। वहीं, कृषि को लाभकारी बनाने और प्रदूषण मुक्त कृषि उत्पाद पैदा करने को जीरो बजट खेती पर सरकार जोर देगी। जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए सरकार इसे गोशालाओं से जोड़ेगी और किसानों को प्रशिक्षण देगी। आगामी तीन सालों में एक लाख एकड़ भूमि को इसके तहत कवर करने का लक्ष्य रखा है। किसानों को प्रोत्साहित करने से लेकर जैविक उत्पादों के परीक्षण और प्रमाणीकरण के लिए भी प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
मिट्टी जांच के लिए 125 प्रयोगशाला स्थापित होंगी
हर खेत, स्वस्थ खेत अभियान के तहत अगले माह से मिट्टी के नमूनों की जांच शुरू की जाएगी। आगामी तीन साल में पूरे हरियाणा को कवर किया जाएगा। मृदा जांच कार्य से प्रदेश के स्कूल और कॉलेजों के विज्ञान के विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा और इसके लिए उनको पढ़ाई के साथ साथ राशि भी मुहैया कराई जाएगी। सरकार ने वर्ष 2021-22 के दौरान स्कूल, कॉलेजों, विवि और तकनीकी संस्थानों में 125 मृदा जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले 2020-21 में पहले चरण में लैब स्थापित करने को 115 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों का चयन किया जा चुका है।
मंडियों में सरकारी भवनों में 17 नई स्थैतिक मृदा जांच प्रयोगशालाएं और 59 मिनी मृदा जांच प्रयोगशाला स्थापित की जा रही हैं। 14 नई मृदा जांच प्रयोगशालाओं के लिए भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष पर काम चल रहा है। इसके अलावा, क्षारीय व लवणीय मृदा के उपचार के लिए नई योजना के तहत नया पोर्टल स्थापित किया जाएगा। नए वित्त वर्ष में एक लाख एकड़ भूमि को सुधारने का लक्ष्य है।
कृषि निर्यात नीति हो रही है तैयार
बजट में सीएम ने घोषणा की है कि सरकार कृषि निर्यात नीति तैयार कर रही है। 2400 करोड़ की लागत से सोनीपत के गन्नौर में 545 एकड़ क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी तैयार की जा रही है। पिंजौर में सेब, गुरुग्राम में पुष्प और सोनीपत के सेरसा में मसाला मंडी विकसित की जा रही है। हरियाणा कृषि उद्योग निगम लिमिटेड राज्य में पैक्ड, वीटा व अन्य खाद्य वस्तुओं के लिए एक नेटवर्क स्थापित करेगा, इसके तहत 22 जिलों में दो हजार रिटेल स्टोर खोले जाएंगे। मार्च 2022 तक 1000 किसान उत्पादक संगठन स्थापित किए जाएंगे।