52 साल बाद ही सही सीमा सुरक्षा बल को पहली महिला कमांडेंट मिल गई हैं। ये पहली महिला कमांडेंट कोई और नहीं तनुश्री पारीक हैं। जिनके संघर्ष और हौंसले को सब सलाम कर रहे हैं।
BSF की पहली महिला फील्ड आॅफिसर मिली, जिसकी नज़र अब सरहद के घुसपैठियों पर है। तनुश्री की इस बहादुरी और कामयाबी पर ये तो कह ही सकते हैं देश के दुश्मनों सावधान हो जाओ। अब भारत की बेटी बतौर कमांडेंट सीमा पर आ चुकीं हैं।
सीमा सुरक्षा बल के इतिहास में 52 साल बाद महिला अधिकारी ने भारत-पाक अंतरराष्टीय सीमा पर देश की सुरक्षा की कमान संभाली है। करीब एक सप्ताह से सीमा पर नियुक्त सहायक कमांडेंट तनुश्री पारिक की तैनाती से बीएसएफ में नियुक्त महिला कमांडेंटों को पेश आने वाली समस्याओं से भी निजात मिलेगी।
तनुश्री फिरोजपुर रेंज के खाई महल सिंह वाला की 105 बटालियन में तैनात हुई हैँ। फिरोजपुर रेंज के डीआईजी बी.एस. राजपुरोहित ने बताया कि खाई महल सिंह वाला के 105 बटालियन में पिछले सप्ताह से तैनात तनुश्री पारिक अपने कार्य को बेहतर तरीके से अंजाम दे रही है वहीं असिस्टेंट कमांडेंट तन्नु श्री पारिक का कहना है वे पूरे हौंसले और सजगता से अपने कार्य को अंजाम देकर बेहद खुश हैं।
तनुश्री पारिक 25 मार्च 2017 को बीएसएफ में बतौर महिला अधिकारी शामिल हुई। तनुश्री ने मध्य प्रदेश के टेकनपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड में देश की पहली महिला अधिकारी (असिस्टेंट कमांडेंट) के रूप में हिस्सा लिया।