फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

'मेरा भाई मर रहा था, मैं चिल्ला रही थी और वो चला गया, डॉक्टर सवाल पूछते रहे'

Sun, 18 Feb 2018 10:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 18 Feb 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
Boy died in GMCH 32 Chandigarh, Her sister Alleged Doctors
रोती रही महिला
'इंसानियत नाम की चीज नहीं रह गई है। मेरा भाई मर रहा था, मैं चिल्ला रही थी और वो चला गया। वे लोग मेरे भाई को बचाने की बजाय सवाल पूछते रहे।'
Boy died in GMCH 32 Chandigarh, Her sister Alleged Doctors
जीएमसीएच 32 चंडीगढ़
आंखों के सामने अपने भाई को दम तोड़ते देखने वाली नीलम चौहान ने यह दर्द बयां किया। सेक्टर-20 निवासी नीलम चौहान ने डॉक्टरों को अपने भाई के मौत का जिम्मेदार ठहराया है। नीलम ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच-32) के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को लिखित में शिकायत देकर भाई का इलाज कर रहे डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने के चलते कार्रवाई करने को कहा है।
Boy died in GMCH 32 Chandigarh, Her sister Alleged Doctors
जीएमसीएच 32 चंडीगढ़
बता दें कि सेक्टर-20 निवासी नीलम चौहान ने अपने भाई को 21 जनवरी को जीएमसीएच-32 में भर्ती कराया था। उनका कहना है कि 22 जनवरी को उनके भाई की इलाज के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मौत हो गई। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को दी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि जब वह जीएमसीएच-32 में भाई को भर्ती कराने पहुंचीं तो वहां मौजूद डॉक्टर इलाज करने की जगह सवाल-जवाब करने में जुट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Boy died in GMCH 32 Chandigarh, Her sister Alleged Doctors
जीएमसीएच 32 चंडीगढ़
उन्होंने जब डॉक्टरों को कुछ पुरानी रिपोर्ट दिखाई तो वे बोले कि जब इलाज पीजीआई में चल रहा है तो मरीज को वह वहां क्यों नहीं ले र्गइं। बार-बार गुजारिश पर भी डॉक्टरों ने उनकी नहीं सुनी और इलाज नहीं मिलने के चलते उनके भाई की मौत हो गई। शिकायत में नीलम ने कहा है कि इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। नीलम ने बताया कि 85 वर्षीय की उनकी बुजुर्ग मां व मेरे भाई की तीन बेटियां इस सदमे से बाहर नहीं निकल सकी हैं।
विज्ञापन
Boy died in GMCH 32 Chandigarh, Her sister Alleged Doctors
जीएमसीएच 32 - फोटो : file photo
मरीजों की मदद के लिए बनाई गई कमेटी का अता-पता नहीं
बता दें कि चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2015 में एक कमेटी बनाई थी। कमेटी इस उद्देश्य से बनाई गई थी कि अगर इलाज के दौरान कोताही के चलते मरीज की मौत हो जाए तो ऐसे डॉक्टरों पर कमेटी दी गई शिकायत के आधार पर जांच कर कार्रवाई करेगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मरीजों की मौत होने जाने की कई शिकायतें आती रहती हैं लेकिन कमेटी की ओर से आज तक एक भी डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं की गई।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed