भिवानी के ये पांच मुक्केबाज, ओलंपिक में दिखाएंगे दम, टिकीं हैं सभी की निगाहें
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भिवानी के पांच मुक्केबाजों का चयन चीन में होने वाले ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के लिए हुआ है। आठ सदस्यीय पुरुष दल में तीन मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव, नमन तंवर, मनीष कौशिक भिवानी से है तो पांच सदस्यीय महिला बॉक्सिंग टीम में दो खिलाड़ी पूजा बोहरा और साक्षी ढांडा भिवानी से है। इन पांचों मुक्केबाजों के मुक्कों में इतना दम है कि वे न केवल ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर सकते हैं बल्कि पदक भी जीत सकते हैं।
विकास से सबसे ज्यादा आस
अर्जुन अवॉर्डी करीब 28 वर्षीय विकास कृष्ण यादव से ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट ही नहीं बल्कि ओलंपिक में भी सबसे ज्यादा उम्मीद है। वह 69 किलो भार वर्ग में दम दिखाएगा और उसके ग्रुप में टॉप फाइव में जगह बनाने वालों को ओलंपिक का टिकट मिलेगा। विकास का रिकॉर्ड भी शानदार है। विकास ने वर्ल्ड चैंपियनशिप 2011 बाकू में ब्रॉन्ज, एशियन गेम्स 2010 में गोल्ड, 2014 में ब्रॉन्ज, 2018 में ब्रॉन्ज, एशियन चैंपियनशिप 2015 में सिल्वर , 2017 में ब्रॉन्ज, कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में गोल्ड, समर यूथ ओलंपिक 2010 में ब्रॉन्ज आईबा यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2010 में गोल्ड जीता।
युवा नमन तंवर का दिखेगा जोश
21 वर्षीय मुक्केबाज नमन तंवर से उनके कोच विष्णु भगवान ही नहीं बल्कि पूरे देश को उम्मीद है। उससे आस है कि वह न केवल ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करेगा बल्कि ओलंपिक में भी पदक जीतेगा। अपने छोटे से करियर में नमन ने अनेक उपलब्धियां हासिल की। 2018 में हुए कॉमनवेल्थ में उसने गोल्ड जीता। नमन 91 किलो भार वर्ग में दम दिखाएगा। टॉप चार में जगह बनाने वाले को ही ओलंपिक का टिकट मिलेगा।
देवसर में जन्में 23 वर्षीय मुक्केबाज मनीष कौशिक आर्मी में है और आर्मी की ओर से खेलते है। भिवानी के इस मुक्केबाज से भी पूरे देश को उम्मीद है। मनीष कौशिक 2019 में हुई वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज, कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में सिल्वर मेडल हासिल किया। मनीष कौशिक के भार वर्ग में टॉप छह में जगह बनाने वाले को ओलंपिक का टिकट मिलेगा।
साक्षी ने बड़ा उलटफेर कर पाया ओलंपिक क्वालीफाई का टिकट
धनाना गांव में जन्मी महिला मुक्केबाज साक्षी ढांडा ट्रायल में बड़ा उलटफेर कर सबकी नजर में आई। 57 किलो भार वर्ग में दम दिखाते साक्षी ने गोल्ड मेडलिस्ट सोनिया चहल अर्जुन अवॉर्डी और 16वीं रैंकिंग वाली सोनिया लाठर को हराकर सबको हैरान किया। उसकी मुक्केबाजी तकनीक से सभी हैरान है और अब उम्मीद है कि वह ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट भी अपनी इस लय को बरकरार रखते हुए न केवल ओलंपिक का टिकट लेगी बल्कि ओलंपिक में भी कुछ नया करेगी।
अनुभवी पूजा से सबसे ज्यादा उम्मीद
नीमड़ीवाली में जन्मी अनुभवी मुक्केबाज पूजा बोहरा से सबसे ज्यादा आस है। उम्मीद है कि वह पहली बार महिला वर्ग में ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी और पदक दिलाएंगी। पूजा 75 किलो भार वर्ग में दम दिखाएगी। पूजा का रिकार्ड उपलब्धियों से भरा है। पूजा ने 2019 में बैंकाक में हुई एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। इससे पहले 2015 में हुई एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज और 2012 में सिल्वर मेडल जीता। पूजा ने 2014 में हुए एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता।