सभी बैंक अकाउंट होल्डर्स के लिए बड़े काम की जानकारी है। अगर नजरअंदाज कर दी तो खाते में जमा पैसे से हाथ धोना पड़ सकता है।
हरियाणा के रोहतक में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने संबंधित बैंक और पुलिस थाने को मामले की शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं बैंक अधिकारी ने युवक को जानकारी दी कि अगर ठगी हो जाए तो बैंक आपको पूरी रकम वापिस करेगा, लेकिन शर्त ये है कि ठगी में सिस्टम की गलती हो। बैंक कर्मचारी की गलती हो या फिर जहां बैंक या कस्टमर दोनों की गलती न हो।
अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी में यह काफी हद तक संभव है। लेकिन पीड़ित को फ्रॉड की जानकारी बैंक को तुरंत देनी होगी। अगर सात दिन में बैंक को इसकी जानकारी नहीं दी गई तो गलती कस्टमर की मानी जाएगी और पैसा नहीं दिया जाएगा। वहीं, अगर धोखाधड़ी के बाद पहले बैंक और फिर पुलिस को रिपोर्ट देते हैं तो पांच हजार रुपए से ज्यादा की राशि बैंक वापस करेगा।
हुआ ये कि एक युवक ने खुद को निजी बैंक का अधिकारी बताकर वंदन नाम के युवक से खाते की डिटेल ले ली। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के खाते से रुपये 30 हजार रुपये निकाल लिये। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में मानसरोवर कॉलोनी निवासी वंदन ने बताया कि 2 मार्च को उसके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया।
फोन करने वाले युवक ने खुद का नाम विनय वर्मा बताकर कहा कि वह एक निजी बैंक का अधिकारी है। इसके बाद आरोपी ने वंदन से कहा कि उनका खाता व एटीएम कार्ड ब्लॉक होने वाले हैं। दोनों को चालू रखने के लिए एटीएम का पासवर्ड बदलना होगा। इस पर वंदन ने इनकार कर दिया। आरोपी ने फिर से उसके पास फोन किया। इस बार वंदन आरोपी के झांसे में आ गया। आरोपी ने उसके खाते और एटीएम कार्ड की डिटेल लेकर वंदन के खाते से करीब तीस हजार रुपये निकासी कर ली।