13 फरवरी को महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा करने जाएं तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। अगर भूले से भी कर दी ये गलतियां तो अशुभ हो जाएगा।
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग में शिव चारों पहर रहते हैं। जैसे आप हर पहर में अलग-अलग खाना पसंद करते हैं, वैसे ही चारों पहर में शिव पूजा के भी अलग अलग नियम हैं। चंडीगढ़ में सेक्टर 30 स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र बताते हैं कि अलग-अलग प्रहर में भोलेनाथ की पूजा के लिए अलग-अलग चीजों का प्रयोग करना चाहिए। अगर आप सूर्योदय से तीन घंटे के अंदर भगवान शिव की पूजा करने जा रहे हैं तो तिल, जौ, कमल एवं बेल पत्र से भगवान शिव की पूजा करें।
3 of 9
भक्तों का रेला
- फोटो : AmarUjala
सूर्योदय के तीन घंटे के बाद अगर आप पूजा करने जा रहे हैं तो बिजौरे का फल, नींबू एवं खीर के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा करें। भगवान भोले नाथ को भांग और धतूरा भी चढ़ा सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें सूर्योदय के छह घंटे के अंदर इन चीजों से शिव जी की पूजा करें। सूर्योदय के छह घंटे के बाद से नौ घंटे के अंदर आप पूजा करने जा रहे हैं तो तिल, मालपुआ, अनार एवं कपूर से शिव जी की पूजा करें।
4 of 9
Mahashivratri
- फोटो : Amar Ujala
सूर्योदय के नौ घंटे के बाद अगर आप पूजा करने जा रहे हैं तो उड़द, जौ, मूंग, बेलपत्र, शंखपुष्पी से भोलनाथ की पूजा करें। अगर आपके लिए प्रहर के अनुसार सामग्री जुटाना कठिन हो तो कोई बात नहीं। भगवान शिव को गंगाजल से स्नान करवाकर में बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित करें और 108 बार शिव पंचाक्षरी मंत्र नमः शिवाय का जप करें। इससे ही भोलेनाथ प्रसन्न हो जाएंगे। बस आपकी भक्ति सच्ची होनी चाहिए।
5 of 9
Mahashivratri
- फोटो : Amar Ujala
काले रंग के कपड़े ना पहनें
महाशिवरात्रि का त्योहार शिवभक्तों के लिए बहुत महत्व रखता है। लेकिन भूलवश शिव जी को प्रसन्न के लिए ऐसी कुछ गलतियां कर देते हैं जिससे उनकी पूजा पूरी नहीं हो पाती है। पहली बात, शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को यदि प्रसन्न करना चाहते हैं तो इस दिन काले रंग के कपड़े ना पहनें। कहा जाता है की भगवान शिव को काला रंग पसन्द नहीं है, जिसके कारण इस दिन काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए।