योगेश्वर दत्त के गांव में दलितों के घरों पर पथराव, बढ़ा तनाव
कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक एवं कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त के गांव में पंचायत चुनाव के तुरंत बाद दलितों के घरों पर पथराव होने से दहशत फैल गई। देखिए, पूरा मामला।
योगेश्वर दत्त के गांव में दलितों के घरों पर पथराव, बढ़ा तनाव
सोनीपत जिले के गांव भैंसवाल कलां में पथराव के बाद घरों के बाहर रखी पानी की टंकियां तक तोड़ दीं। पथराव किसने और क्यों किया यह तो पता नहीं चल सका है, लेकिन पंचायत चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद हुई घटना से पूरे मामले को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं इस संबंध में हारने वाले प्रत्याशी एवं पूर्व सरपंच दर्शन मलिक ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका इस घटना से कोई लेनादेना नहीं है।
योगेश्वर दत्त के गांव में दलितों के घरों पर पथराव, बढ़ा तनाव
खरखौदा रोड स्थित भैंसवाल कलां गांव में दो पंचायत हैं, एक मिठान पाने की पंचायत, जबकि दूसरी बवाला पाना। मिठान पाने में युवा राजेश मलिक ने पूर्व सरपंच दर्शन मलिक को बड़े अंतर से हराया। वहीं कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के बावले पाने में मंजीता ने अनीता को मात्र सात वोट से हराया। मिठान पाना निवासी भैंसवाल निवासी शांति, जगमती और धीरो ने बताया कि देर रात करीब एक दर्जन युवक गलियों में घूम रहे थे।
योगेश्वर दत्त के गांव में दलितों के घरों पर पथराव, बढ़ा तनाव
समुदाय के लोग अपने घरों में सो रहे थे तभी गली में शोर सुनाई दिया। बाहर लोग जातिसूचक गालियां दे रहे थे। अगले ही पल बंद दरवाजों पर ईंट और पत्थर बरसने लगे। दलित समुदाय के लोगों को बाहर आने के लिए उकसाया गया, लेकिन डर के मारे किसी ने बाहर निकलकर देखने की हिम्मत नहीं की। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि अगर निकलते तो निश्चित ही किसी की जान चली जाती। क्योंकि दबंग युवक बेहद गुस्से में लग रहे थे।
योगेश्वर दत्त के गांव में दलितों के घरों पर पथराव, बढ़ा तनाव
दलितों का कहना है कि वे लोग युवकों को पहचान तो नहीं सके, लेकिन ये गांव के ही कुछ दबंग थे। दलित परिवारों ने कहा है कि अगर उचित कार्रवाई के साथ उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाती है तो वे लोग गांव छोड़ने के लिए मजबूर होंगे। सोमवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इतना ही नही दलितों की सुरक्षा के लिए एक पीसीआर भी वहां तैनात कर दी गई है।