कहने को 'काला पानी', देखिए तो बिल्कुल जन्नत
कहने को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को 'काला पानी' कहा जाता है, लेकिन यहां की लोकेशन जन्नत जैसी हैं।
कहने को 'काला पानी', देखिए तो बिल्कुल जन्नत
यूं तो अंडमान वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का नाम सुनकर हमें ऐसे लगा मानो यहां मनोरंजक खेल ही हमारा स्वागत करेंगे। वहां पहुंचे तो जहां फिर से प्रकृति का अद्भुत नजारा दिखाई पड़ा, वहीं सुनामी से हुए नुकसान और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की यादें भी ताजा हो गईं।
कहने को 'काला पानी', देखिए तो बिल्कुल जन्नत
वहीं, पार्क के एक हिस्से में स्थित 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की याद में खड़ा स्तंभ हमें उन अनगिनत शहीदों को नमन करने पर मजबूर कर गया, जो हंसते-हंसते देश की माटी के लिए शहीदी का जाम पी गए।
कहने को 'काला पानी', देखिए तो बिल्कुल जन्नत
किरणों में नहाई पोर्ट ब्लेयर की हरियाली ने अहसास करवाया कि हम असल में प्रकृति की गोद में आ गए। वैसे दिन में भी हमें प्रकृति के बिल्कुल करीब जाना था। मतलब समंदर का पानी, इसके बीचो-बीच बसे टापुओं की हरियाली, ऊपर नीला आसमान, सभी के खुले दर्शन दिन में होने थे।
कहने को 'काला पानी', देखिए तो बिल्कुल जन्नत
हवा के बहाव के साथ क्रूज का हिचकोले खाना हमें अहसास करवा रहा था कि कुदरत से ऊपर कुछ नहीं है। खैर, करीब तीन घंटे की यात्रा के बाद हमारा दल हैवलॉक पहुंचा और हमारे ठहरने के पड़ाव तक पहुंचने के रास्ते में जो शांति का अहसास हुआ, उसे बयां करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं।