तस्वीरों में देखिए, आज कैसी है सजा-ए-काला पानी?
‘काला पानी।’ पंजाब वासियों के सीने में यह शब्द आज भी तीखे तीर की तरह चुभता है, क्योंकि आजादी से पहले देश के अन्य हिस्सों की तरह ही अनेक पंजाबियों ने वहां की जेल में भारत की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दीं।
तस्वीरों में देखिए, आज कैसी है सजा-ए-काला पानी?
आज ‘काला पानी’, यानी अंडमान-निकोबार द्वीप समूह भारत के एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो चुका है। लेकिन वहां की सेल्युलर जेल की दीवारें, तंग कोठरियां, आजादी के उन सैकड़ों परवानों के दर्द को बयां करती हैं, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के इंतहा अत्याचार सहे।
तस्वीरों में देखिए, आज कैसी है सजा-ए-काला पानी?
इस जेल को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जा चुका है। आजादी के लिए जीवन कुर्बान करने वालों की याद में इस जेल में अखंड ज्योति जल रही है। फोटो गैलरी में प्रदर्शित स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें उन्हें सम्मान दे रही हैं।
तस्वीरों में देखिए, आज कैसी है सजा-ए-काला पानी?
हर शाम जेल में होने वाले लाइट एंड साउंड शो में जो दिखता है, वह प्रमाणित करता है कि जो कुछ आजादी के परवानों ने सहा उसका मोल शायद हम भारतवासी, जिंदगी भर न चुका पाएं।
तस्वीरों में देखिए, आज कैसी है सजा-ए-काला पानी?
शाम को सबसे पहले हम जिस स्थान पर गए, वह था अटलांटा प्वाइंट पर स्थित सेल्युलर जेल। कहने को तो यह हमारा अध्ययन दौरा था, लेकिन मन से यह किसी तीर्थ यात्रा से कम नहीं था।