बॉलीवुड के साथ-साथ हॉलीवुड में अपने अभियन का लोहा मनवाने वाले अभिनेता ओमपुरी का इस जगह से गहरा नाता था। ओमपुरी केनानके पटियाला के निकटवर्ती कस्बा सन्नौर के रहने वाले हैं। अब नानका पटियाला के अर्बन इस्टेट एरिया का है।
मां की मौत के बाद यहां रहने लगे थे ओम पुरी, इनसे था खास लगाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार जैसे ही ओम पुरी के निधन का समाचार मिली तो नानके के परिवार समेत सन्नौर में ओमपुरी के सभी दोस्तों और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई। इस मौके पर सभी भावुक दिखे।
सन्नौर स्कूल से पढ़ी, बीए खालसा कालेज से
अमर उजाला से खास बातचीत में ओम पुरी के बुआ के लड़के रजिंदर कुमार ने बताया कि चार साल की छोटी उम्र में जब ओम पुरी की माता का निधन हुआ तो वह पटियाला के सन्नौर में अपने मामा तारा चंद और ईशर दास के पास रहने लगे थे। ओम पुरी ने शुरुआती शिक्षा सन्नौर के सरकारी स्कूल से ली। इसके बाद उन्होंने पटियाला के खालसा कालेज से बीए की पढ़ाई की। इस दौरान उनमें अभिनेता बनने का जुनून जागा और उन्होंने मुंबई का रुख कर लिया।
कुकिंग के शौकीन थे ओमपुरी-रजत कपूर
ओमपुरी के भतीजे रजत कपूर ने बताया कि ओम पुरी कुकिंग करने के शौकीन थे। हर साल सन्नौर में अपने मामा के फार्म हाउस पर समय बिताने के लिए ओमपुरी पटियाला आते थे। इस दौरान जब समय लगता, तो अपने हाथों से आलू-मेथी, भिंडी, बैंगन का भरता बनाकर खिलाते थे। पिछली बार वह दिसंबर 2015 में पटियाला आए थे। इतना कहकर रजत भावुक हो गया और रोने लगा। उन्होंने कहा कि सुबह जैसे ही उनके बेटे ने मुंबई से यह खबर दी, तब से रो-रो कर बुरा हाल है।
कबड़्डी के अच्छे खिलाड़ी थे ओमपुरी-दोस्त
सन्नौर में ओम पुरी के दोस्तों रमेश कुमार, महिंदर सिंह के मुताबिक ओमपुरी बेहद अच्छे व खुले स्वभाव के मालिक थे। वह कबड्डी के काफी अच्छे खिलाड़ी थे। राजिंदर ने भावुक होते हुए कहा कि ओम पुरी ने सन्नौर का नाम देश में नहीं, बल्कि विदेशों में रोशन किया है।