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संन्यास के बाद छलका सरदार सिंह का दर्द, बोले- एक सपना रह गया अधूरा...अब करेंगे ये काम

Fri, 14 Sep 2018 10:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 14 Sep 2018 10:00 AM IST
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After retirement Sardar Singh's press conference in Chandigarh
सरदार सिंह
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने संन्यास ले लिया है। लेकिन उनका एक सपना अधूरा रह गया,जिसे उन्होंने देश के लिए देखा। इस बात का खुलासा सरदार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। 
After retirement Sardar Singh's press conference in Chandigarh
सरदार सिंह
लंबे समय तक किसी चीज के साथ जुड़े रहना और फिर उसे छोड़ना बेहद दुखदायी होता है। हाकी से संन्यास लेने और इसके पीछे की कहानी को इंडियन हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने गुरूवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में मीडिया से साझा किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए ओलंपिक में खेलते हुए पदक जीतने की चाहत थी, लेकिन एशियन गेम्स में आखिरी पड़ाव में हार ने उन्हें निराश कर दिया। इसके बाद उन्होंने इंटरनेशनल हाकी से संन्यास लेने का फैसला ले लिया। 

उन्होंने कहा कि मैंने 15 साल तक देश के लिए हॉकी खेली है। इस खेल से अलग होना मेरे लिए काफी तकलीफ दायक है लेकिन अब अगला दौर युवा पीढ़ी का है, जिन्हें अब कमान संभालनी है। मैं संन्यास के बाद भी हॉकी को आगे ले जाने के लिए काम करता रहूंगा। सरदार सिंह ने कहा कि इसके लिए में विदेश जाकर क्लबों में जूनियर कोचिंग देने की तैयारी कर रहा हूं।
After retirement Sardar Singh's press conference in Chandigarh
सरदार सिंह
 उन्होंने कहा कि मैं तीन साल तक जूनियर भारतीय हाकी टीम का भी हिस्सा रहा हूं। इसके बाद 12 साल तक भारतीय सीनियर टीम में रहकर देश के लिए कई अहम मुकाबले खेले हैं, जो मेरे लिए गर्व की बात हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान टीम में 15-16 कोच भी आए, जिनसे मैंने काफी अनुभव प्राप्त किया। अर्जुन पुरस्कार व पद्मश्री अवार्ड से नवाजे गए पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने कहा कि मेरा सपना था कि 2020 टोक्यो ओलंपिक खेलूं क्योंकि मैने अपनी फिटनेस को शुरू से ही बेहतर रखा था।

 इसके लिए मेहनत भी जारी थी, लेकिन एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में हार के बाद मैंने टीम के कोच तथा सीनियर खिलाड़ियों व परिवार के साथ बात की, जिसके बाद सन्यास लेने का एलान कर दिया। सरदार ने बताया कि जिस तरह से एशियन गेम्स में हमने जीत से शुरुआत करते हुए सफर जारी किया था, उस तरह का प्रदर्शन हम सेमीफाइनल में नहीं कर पाए। इस मैच में हमारा खेलने का लेवल वैसा नहीं था, जोकि इससे पहले खेले गए मैचों में था।
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After retirement Sardar Singh's press conference in Chandigarh
सरदार सिंह
एक खिलाड़ी के लिए रिटायरमेंट का फैसला बेहद कठिन
संन्यास के बारे में बात करते हुए सरदार सिंह ने कहा कि एक खिलाड़ी के लिए रिटायरमेंट लेने का फैसला करना काफी कठिन होता है, लेकिन यह दिन हर एक खिलाड़ी की जिंदगी में आता है। इसके लिए खिलाड़ी को मानसिक रूप से मजबूत रहना पड़ता है। मैंने बिना किसी दबाव के संन्यास लेने का मन बनाया। इसके लिए मैंने अपने बड़े भाई दिदार सिंह और परिवार के साथ बैठ कर बातचीत की थी, इसके बाद ही इस नतीजे पर पहुंचा।
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After retirement Sardar Singh's press conference in Chandigarh
सरदार सिंह
कई मौकों पर शुरुआत शानदार रही लेकिन लय कायम नहीं रख पाए 
सरदार सिंह ने बताया कि एशियन गेम्स से पहले पांच से छह बड़ी चैंपियनशिप आई, जिसमें हम चूक गए। इन टूर्नामेंट में शुरुआत तो टीम ने काफी धुआंधार तरीके से की थी, लेकिन उस लय को हम लगातार कायम नहीं रख पाए। इसका नतीजा यह रहा कि हम इन अहम टूर्नामेंट में विजेता बनने की दौड़ से बाहर हो गए। मुझे उम्मीद है कि आने वाले युवा खिलाड़ी हमारी इन कमियों से सीखेंगे और भविष्य में भारतीय हाकी को बुलंदियों पर पहुंचाएंगे।
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