नोटबंदी के बीच मरीजों को बड़ी राहत, PGI देगा ये खास सुविधाएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीजीआई में जल्द ही ई-वॉलेट जैसी सुविधा शुरू हो सकती है। पिछले दिनों पेटीएम कंपनी ने अपनी एक प्रपोजल पीजीआई अधिकारियों को सौंपी थी। पीजीआई को प्रपोजल अच्छी लगी है और अधिकारियों को इस बारे में एक प्रजेंटेशन देने को कहा है। उसके बाद यदि सब कुछ ठीक रहा तो पीजीआई में जल्द ही पेटीएम की सुविधा शुरू हो सकती है। पीजीआई अधिकारियों ने बताया कि मरीजों को परेशानी न आए, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
छह स्वाइप मशीनें भी आईं
पीजीआई ने छह नई स्वाइप मशीनें भी मंगवा ली हैं। इन्हें सभी मुख्य कैश काउंटर में रखवा दिया गया है, ताकि मरीजों को कैश न होने की वजह से परेशानी न झेलनी पड़े। अधिकारियों ने दावा किया है कि स्वाइप मशीनों के इस्तेमाल में कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। पीजीआई में पहले भी पांच स्वाइप मशीनें थीं। उनका उपयोग बहुत कम हो रहा था। नोटबंदी के बाद उनका इस्तेमाल बढ़ गया है। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक पीजीआई के न्यू ओपीडी काउंटर पर मशीन नहीं थी, लेकिन अब नई मशीनों के बाद वहां भी व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
ढाई लाख तक रोजाना आनलाइन पेमेंट
अधिकारियों ने बताया कि पीजीआई में आठ नवंबर से पहले ऑनलाइन पेमेंट नाममात्र लोग करते थे। मशीनें रखी रह जाती थीं, लेकिन जब से नोटबंदी हुई है, तब से काफी लोग इसका इस्तेमाल करने लगे हैं। एक दिन में ढाई लाख तक रोजाना ऑनलाइन पेमेंट हो रही है।
टॉप अप कार्ड की सुविधा अधर में
पीजीआई में टॉपअप कार्ड की सुविधा अधर में लटकी हुई है। टाटा मेमोरियल हास्पिटल की तर्ज पर शुरू होने वाली योजना अभी तक सिरे पर नहीं चढ़ पाई है। अधिकारियों ने कहा कि इसमें कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। टाटा मेमोरियल में सिर्फ एक ही बिल्डिंग है, यानी एक बिल्डिंग में फार्मेसी का काउंटर, सभी जांचों व एडमिशन का पेमेंट सब एक ही जगह होते हैं, जबकि पीजीआई में कई बिल्डिंग हैं।