करीब 17 साल पहले सुई की छेद में से आठ पतंगें गुजारकर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करने वाले पंजाब स्टेट फॉरेंसिक लैब के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ दविंदर पाल सहगल ने लॉकडाउन में भी अपने काम में जुटे हुए हैं। कोरोना संकट के दौर में भी वह पूरी मुस्तैदी से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।
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सहगल ने की घरों पर रुकने की अपील
इस दौरान उन्होंने करीब चार पतंग तैयार की है। इनके माध्यम से उन्होंने कोरोना से निटपने के तरीके बताए हैं। वहीं, फ्रंटलाइन में जंग लड़ने वाले कमांडो को सैल्यूट किया है। इनमें पुलिस, डॉक्टर,सफाई सेवक व मुहिम में शामिल सभी लोग हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह घरों पर रुकें, तभी इस खतरनाक महामारी को मात दिया जा सकता है।
डॉ. दविंदर पाल सिंह सहगल ने बताया कि भले ही पेशे से वह साइंटिस्ट हैं। लेकिन वह देश के अच्छे नागरिक भी हैं। ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि लॉकडाउन में घरों में रहें। कुछ नया सीखें। ताकि आने वाले समय में इस चीज का फायदा हमारे करियर को हो सके।
उन्होंने बताया कि जिंदगी में बुक्स आपकी सबसे अच्छी मित्र होती है। अगर कोई कुछ नहीं कर सकता है तो किताबें पढ़ लें। इसी बहाने कोई अच्छी चीज सीख पाएंगे। जो कि उनके करियर में अहम योगदान दे सकती है। डॉ. दविंदर पाल सिंह सहगल मूलरूप से चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। हालांकि उनका कार्यालय मोहाली में स्थित है।
उनका पंतगों को लेकर जुनून देखते ही बनता है। कोई राष्ट्रीय दिवस हो या कोई भी जागरूकता मुहिम। इसमें वह अपने पतंगों के जरिए शामिल होते हैं। इतना ही नहीं वह दुनिया में पंजाब और चंडीगढ़ का नाम पतंगों के माध्यम से रोशन कर चुके हैं।