मैं अंगहीन हूं और पिछले कई सालों से नौकरी के लिए जगह-जगह जाकर मिन्नतें कर रही हूं लेकिन मेरी कोई भी नहीं सुन रहा, मुझे नौकरी नहीं दे सकते तो मुझे गोली मार दीजिए। यह दर्द था उस दिव्यांग लड़की का जो पिछले कईसालों से सरकारी नौकरी के लिए मंत्रियों, अधिकारियों की मिन्नतें कर रही है।
गणतंत्र दिवस मौके संगरूर पहुंचे कैबिनट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू मंच से संबोधन कर रहे थे इसी दौरान एक दिव्यांग लड़की ने मंच पर जाकर कैबिनट मंत्री से सीधे कह दिया कि उसे या तो नौकरी दे दो या फिर गोली मार दो। लड़की का सवाल सुनकर जहां सिद्धू हक्के बक्के रह गए, वहीं मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियोंमें भी अफरा तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस लाइन के स्टेडियम में गणतंत्र दिवस मौके राष्ट्रीय ध्वज फहराने पहुंचे कैबिनट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू मंच से संबोधन कर रहे थे इसी दौरान एक दिव्यांग लड़की उनके सामने पहुंची और कहने लगी कि वह अपंग है और सरकारी नौकरी मिलने की लंबे समय से उम्मीद लगाए बैठी है। नौकरी पाने के लिए वह जगह-जगह भटक रही है किंतु उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
उसने सिद्धू से साफ कह दिया कि यदि उसे नौकरी नहीं दे सकते तो गोली मार दो। यह सुनकर सिद्धू सोच में पड़ गए। वहीं मौके पर मौजूद अधिकारियों के पैरों तले से जमीन निकल गई। प्रशासन ने मौके की नजाकत को भांपते हुए उस दिव्यांग लड़की को स्टेज के एक तरफ करके नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद जब पत्रकारों से बातचीत के दौरान उक्त लड़की के सवालको रखा गया तो सिद्धू ने कहा कि उन्हें बहुत दुख है कि उसे अंगहीन होने के बावजूद भी नौकरी नहीं मिली। उन्होंने भरोसा देते कहा कि उनके विभाग में तीन फीसदी नौकरियां दिव्यांग के लिए आरक्षित हैं। वे कोशिश करेंगे कि उक्त लड़की को नौकरी दी जाए।