श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित पाकिस्तान के गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब से एसजीपीसी की ओर से सजाया गया अंतरराष्ट्रीय नगर कीर्तन मंगलवार देर रात गुरुद्वारा श्री बेर साहिब पहुंचकर संपूर्ण हुआ। भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद यह पहला नगर कीर्तन था जो श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश स्थान श्री ननकाना साहिब से शुरू होकर भारत पहुंचा था।
यह अंतरराष्ट्रीय नगर कीर्तन भारत के 17 सूबों से होता हुआ सिख पंथ के पांच तख्तों की यात्रा करके श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र चरण स्पर्श गुरुद्वारा श्री बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी पहुंचा। नगर कीर्तन की शुरुआत एक अगस्त को हुई थी, जो लगातार 97 दिनों की पड़ाववार यात्रा के साथ पूरे देश के गुरु नानक नाम लेवा संगत को 550वें प्रकाश पर्व के प्रति उत्साह भरता रहा।
सुल्तानपुर लोधी में अंतरराष्ट्रीय नगर कीर्तन पहुंचने पर गुरुद्वारा श्री संतघाट साहिब के नजदीक एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल, अंतरराष्ट्रीय नगर कीर्तन के मुख्य प्रबंधक जत्थेदार तोता सिंह, एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर, राज्यसभा सांसद बलविंदर सिंह भूंदड़, बीबी उपिंदरजीत कौर, दरबारा सिंह गुरु, एसजीपीसी के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह ने भव्य स्वागत किया।
स्थानीय विधायक नवतेज सिंह चीमा, नगर काउंसिल प्रधान अशोक मोगला और सभी पार्षद भी इस दौरान मौजूद रहे। लौंगोवाल और सुखबीर सिंह बादल ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को रुमाला साहिब भेंट किए और पंज प्यारों, पांच निशानची और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सेवा पर बैठे ग्रंथी सिंहों को सिरोपा देकर नवाजा। इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह और श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी मान सिंह मौजूद रहे। नगर कीर्तन पर फूलों की हवाई वर्षा की गई।
इस मौके पर एसजीपीसी की अंतरिम कमेटी सदस्य जत्थेदार अमरीक सिंह कोटशमीर, एसजीपीसी सदस्य बीबी गुरप्रीत कौर रूही, जत्थेदार सरवन सिंह कुलार, जत्थेदार जरनैल सिंह डोगरांवाला, जत्थेदार अवतार सिंह, धर्म प्रचार समिति के सचिव महिंदर सिंह आहली नगर कीर्तन के को-आर्डीनेटर और एसजीपीसी सचिव मनजीत सिंह बाठ, अतिरिक्त सचिव सुखदेव सिंह, प्रताप सिंह, उप सचिव कुलविंदर सिंह रमदास, सकत्तर सिंह, तेजिंदर सिंह पड्डा, हरजीत सिंह, सुलक्खण सिंह भंगाली और गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के मैनेजर स. सतनाम सिंह रियाड़ आदि भी उपस्थित थे।