फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

किसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में केस करने की सोच रहे हैं तो, पढ़िए ये खबर

Sat, 08 Jul 2017 10:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 08 Jul 2017 10:15 AM IST
विज्ञापन
3 lakh pending cases in the high court, new judges need
Court Room - फोटो : DEMO PIC
अगर आप भी किसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में केस करने की सोच रहे हैं तो पहले ये खबर पढ़िए, देखिए कि वहां पहले ही कितने केस लटके पड़े हैं।
3 lakh pending cases in the high court, new judges need
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
दरअसल, लंबे समय से मंजूर पदों से लगभग आधे जजों की मौजूदगी के चलते पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या अब 3 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। यह हाल केवल हाईकोर्ट का ही नहीं है।
3 lakh pending cases in the high court, new judges need
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
चंडीगढ़, हरियाणा व पंजाब की जिला अदालतों में भी लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। हाईकोर्ट की ओर से लंबित मामलों की जो जानकारी दी गई है, उसके अनुसार मई 2017 तक हाईकोर्ट में 3 लाख 14 हजार 870 केस लंबित हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
3 lakh pending cases in the high court, new judges need
sdf
आंकड़ों के अनुसार हाईकोर्ट में वर्ष 2016 के अंत तक ही लंबित केसों की संख्या 3 लाख पहुंच गई, जबकि वर्ष 2015 के अंत तक यह आंकड़ा 2 लाख 88 हजार 641 थी। हैरत की बात यह है कि...
विज्ञापन
3 lakh pending cases in the high court, new judges need
Court
हैरत की बात यह है कि 2017 में मई तक 57 हजार 926 नए केस हाईकोर्ट में दायर हुए, जिसमें से 45 हजार 369 केसों का निपटारा भी किया जा चुका है। गत वर्ष एक लाख 28 हजार 448 केस दायर किए गए और एक लाख 14 हजार केसों का निपटारा भी कर दिया गया था।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed