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कॉलेज से क्यों निकाले 13 कश्मीरी छात्र, गलती किसकी?

Sun, 19 Apr 2015 07:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sun, 19 Apr 2015 07:45 AM IST
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कॉलेज से क्यों निकाले 13 कश्मीरी छात्र, गलती किसकी?

13 kashmiri students suspended from rohtak college, inside story

प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर स्कीम, स्मृति ईरानी के मंत्रालय से मिलती थी ग्रांट तो ऐसा क्या हुआ कि कॉलेज से 13 कश्मीरी छात्रों को निकाल दिया। तस्वीरों में देखिए, पूरा मामला।

कॉलेज से क्यों निकाले 13 कश्मीरी छात्र, गलती किसकी?

13 kashmiri students suspended from rohtak college, inside story

प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2010-11 में कश्मीर के लिए लागू की थी। इस योजना के तहत कश्मीर के पांच हजार बच्चों की पढ़ाई और रहने का खर्च सरकार को वहन करना था। इसके लिए जाति का कोई आधार नहीं है।

कॉलेज से क्यों निकाले 13 कश्मीरी छात्र, गलती किसकी?

13 kashmiri students suspended from rohtak college, inside story

इस योजना के तहत ही 2013 में जम्मू-कश्मीर के 23 छात्रों ने रोहतक इंस्टीट्यूट इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट कॉलेज में दाखिला लिया। बीटेक के तीन सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब कॉलेज ने 13 छात्रों के नाम काट दिए हैं और हॉस्टल से बाहर निकाल दिया। कॉलेज का तर्क है कि उनके नाम पर कोई छात्रवृत्ति नहीं आई है।

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कॉलेज से क्यों निकाले 13 कश्मीरी छात्र, गलती किसकी?

13 kashmiri students suspended from rohtak college, inside story

प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना के झोल में फंसे 13 कश्मीरी छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। डीसी से मिलने पहुंचे छात्रों को निराशा हाथ लगी। प्रशासन ने छात्रों से पूरे दस्तावेज दिखाने के बाद ही कार्रवाई की बात कही है। वहीं, छात्रों को दाखिला दिलाने वाले कश्मीर के एक एनजीओ ने भी हाथ पीछे खींच लिए हैं। उनका कहना है कि हमें छात्रवृत्ति से कोई मतलब नहीं है, हमारा काम तो दाखिला दिलाने तक था।

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13 kashmiri students suspended from rohtak college, inside story

उधर, कॉलेज डायरेक्टर का कहना है कि 2014 में दस बच्चों की छात्रवृत्ति पास होने के बाद कई बार बाकी बच्चों के लिए स्मृति इरानी की एचआर मिनिस्ट्री को पत्र भेजा जा चुका है। मिनिस्ट्री की तरफ से वेबसाइट पर डाला गया है कि पांच हजार बच्चे पूरे हो चुके हैं और अब बाकी के लिए मिनिस्ट्री के पास फंड नहीं है।

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