जानिए, पहाड़ों की दुनिया से जुड़े 10 चौंकाने वाले रहस्य
पहाड़ हजारों वर्षों में बनते हैं। वास्तव में, पहाड़ों का बनना एक लंबी भूवैज्ञानिक प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया हमेशा चलती रहती है। यह प्रक्रिया पृथ्वी के अंदर मौजूद क्रस्ट में तरह-तरह की हलचल होने के कारण चलती है। पहाड़ टेक्टॉनिक या ज्वालामुखी से बनते हैं। ये सारी चीजें मिलकर पहाड़ को 10,000 फीट तक ऊपर उठा देती हैं। उसके बाद नदियां, ग्लेशियर और मौसम इसे घटाकर कम कर देते हैं। साथ ही इंसान इन्हें काटकर रास्ते बना देता है, जो नहीं होना चाहिए।
जानिए, पहाड़ों की दुनिया से जुड़े 10 चौंकाने वाले रहस्य
देश में कई ऐसे चमत्कारिक पहाड़ हैं, जिनके बारे में कई तरह की किंवदंतियां प्रचलित हैं, जैसे भारत के लेह-लद्दाख में एक चुम्बकीय पहाड़ है, जिसे मैग्नेटिक हिल भी कहा जाता है। यह पहाड़ धातु को अपनी ओर खींचता है। इस पहाड़ के ऊपर से गुजरने वाले विमानों को अपेक्षाकृत अधिक ऊंचाई पर उड़ना होता है अन्यथा पहाड़ उनको खींच सकता है। यहां पर अलग-अलग संरचनाओं और रंगों वाले पहाड़ भी हैं।
जानिए, पहाड़ों की दुनिया से जुड़े 10 चौंकाने वाले रहस्य
वैदिक काल में ही चारधाम और ज्योतिर्लिंगों की स्थापना करके भव्य मंदिरों का निर्माण किया गया, लेकिन पहाड़ों पर बनाए गए मंदिरों का महत्व ही कुछ और है।
अनेक प्राचीन मंदिर ऐसे पर्वतों पर बनाए गए हैं, जहां से चुंबकीय तरंगें घनी होकर गुजरती हैं। इन मंदिरों में प्रतिमाएं ऐसी जगह रखी जाती थीं, जहां चुंबकत्व का प्रभाव ज्यादा होता था। तांबा बिजली और चुंबकीय तरंगों को अवशोषित करता है। इस प्रकार जो भी व्यक्ति ऐसे मंदिर में जाकर स्थापित मूर्ति की घड़ी के चलने की दिशा में परिक्रमा करता है, वह एनर्जी को अवशोषित करता है। इससे उसको मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य लाभ मिलता है। इसके अलावा पहाड़ पर बने मंदिर में जाकर मन्नत मांगी जाए तो वह जल्द पूरी होती है, क्योंकि वहां से लोग ब्रह्मांड के संपर्क में आते हैं और उस वक्त अवचेतन मन भी खुला होता है।
जानिए, पहाड़ों की दुनिया से जुड़े 10 चौंकाने वाले रहस्य
देश में पहाड़ काट-काट कर रास्ते बनाए जा रहे हैं। पहले पहाड़ के उत्तर में गांव या शहर को बसाया जाता था, ताकि दक्षिण से आने वाले तूफान और तेज हवाओं से शहर की रक्षा हो सके। इसके अलावा सूर्य का ताप सुबह 10 बजे से लेकर अपराह्न 4 बजे तक अधिक होता है। इस दौरान सूर्य दक्षिणावर्त ही रहता है। पहाड़ से दक्षिण से आने वाली हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों से सुरक्षा होती है। अल्ट्रावॉयलेट किरणों से सन बर्न और सन एनर्जी की शिकायत के साथ ही कई तरह के रोग होते हैं, इसीलिए मनुष्य के जीवन में पहाड़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शास्त्रों में लिखा है कि मनुष्य को वहां रहना चाहिए, जहां चारों ओर पहाड़ हों और एक नदी बह रही हो। पहाड़ों के कारण दौड़ती रहने वाली हवाएं जहां काबू में रहती हैं, वहीं वह पहाड़ों से घिरकर शुद्ध भी हो जाती है।
जानिए, पहाड़ों की दुनिया से जुड़े 10 चौंकाने वाले रहस्य
पहाड़ों के देवता को वेदों में मरुतगण कहा गया है, जिनकी संख्या 49 है। पहाड़ों पर ये मरुतगण नजर रखते हैं। मौत के बाद ऐसे लोगों की दुर्गति होना तय है, जो जीते जी पहाड़ों का जीवन नर्क बना देते हैं। वैदिक ऋषियों ने पहाड़ों के लिए कई मंत्रों की रचनाएं की हैं। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक ऐसे कई पहाड़ हैं, जिनका धार्मिक, आध्यात्मिक और पर्यावरण से खास जुड़ाव है। भारत में विश्व के सबसे प्राचीन और सबसे नए पर्वत विद्यमान हैं। इन पहाड़ों की प्राचीनता और भव्यता देखते ही बनती है, लेकिन अब विकास के नाम पर इनका विनाश जारी है।