फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Used Cars: भारत में सेकंड हैंड कारों की मांग में जबरदस्त उछाल, नई कारों से दोगुनी तेजी से बढ़ रहा बाजार

Fri, 11 Jul 2025 06:26 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Fri, 11 Jul 2025 06:26 PM IST
सार

भारत में सेकंड हैंड यानी पुरानी कारों का बाजार इस वक्त जोरों पर है। और इसकी बढ़ोतरी नई कारों के मुकाबले दोगुना तेजी से हो रही है।

विज्ञापन
Used car market growth trajectory outpacing new car sales second hand car sales in india
सेकेंड हैंड कार - फोटो : AI
भारत में सेकंड हैंड यानी पुरानी कारों का बाजार इस वक्त जोरों पर है। और इसकी बढ़ोतरी नई कारों के मुकाबले दोगुना तेजी से हो रही है। क्रिसिल रेटिंग्स की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा वित्तीय वर्ष में पुरानी कारों की बिक्री में 8-10 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिलेगी, जबकि नई कारों की बिक्री इससे आधी दर से बढ़ रही है। इस ट्रेंड ने उपभोक्ताओं और ऑटो उद्योग दोनों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है।


यह भी पढ़ें - FASTag: अब नहीं चलेगा 'टैग-इन-हैंड' का खेल, एनएचएआई लूज फास्टैग यूजर्स को करेगा ब्लैकलिस्ट
Used car market growth trajectory outpacing new car sales second hand car sales in india
Car - फोटो : Freepik
उपभोक्ताओं की पसंद में बदलाव
पिछले कुछ वर्षों में लोगों की खरीदारी की सोच बदली है। अब ग्राहक सिर्फ नई गाड़ी ही नहीं देख रहे, बल्कि वैल्यू फॉर मनी, आसान फाइनेंस और डिजिटल सुविधा की वजह से सेकंड हैंड कारों की तरफ भी बढ़े हैं। इस साल भारत में पुरानी कारों की बिक्री 60 लाख यूनिट से ज्यादा पहुंचने की संभावना है।

पांच साल पहले तक हर एक नई कार के मुकाबले एक से भी कम पुरानी कार बिकती थी, लेकिन अब ये रेशियो बढ़कर 1.4 हो गया है। मतलब, हर 10 नई कारों के साथ अब लगभग 14 पुरानी कारें भी बिक रही हैं। इसके पीछे वजह है कि लोग जल्दी-जल्दी अपग्रेड करने लगे हैं। और सेकंड हैंड गाड़ियों की औसत उम्र भी अब घटकर करीब 3.7 साल हो गई है।

हालांकि भारत अब भी अमेरिका (2.5), ब्रिटेन (4.0) और जर्मनी (2.6) जैसे विकसित देशों से पीछे है। जिसका मतलब है कि पुरानी कारों के बाजार में आगे और भी जबरदस्त बढ़ोतरी की गुंजाइश है।

यह भी पढ़ें - 2025 Triumph Trident 660: 2025 ट्रायम्फ ट्राइडेंट 660 भारत में लॉन्च, जानें क्या है नया और कितनी है कीमत
Used car market growth trajectory outpacing new car sales second hand car sales in india
Used Cars - फोटो : Freepik
ऑर्गनाइज्ड सेक्टर और मुनाफे की चुनौती
आज कई बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ऑर्गनाइज्ड सेक्टर (संगठनात्मक क्षेत्र) का आधा हिस्सा संभाल रहे हैं। और कुल सेकंड हैंड बिक्री का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इन्हीं के जरिए हो रहा है।

लेकिन इन कंपनियों को ग्राहकों को लुभाने, गाड़ियों की मरम्मत, डिलीवरी और फाइनेंस जैसी सेवाओं में भारी खर्च उठाना पड़ता है, जिससे फिलहाल इन्हें घाटा हो रहा है। हालांकि, इनकी कमाई में तेज बढ़त दर्ज की जा रही है। और उम्मीद है कि अगले 12 से 18 महीनों में ये कंपनियां ब्रेक-ईवन यानी नुकसान से बाहर आ जाएंगी।

इन प्लेटफॉर्म्स ने अब सिर्फ गाड़ी बेचने तक खुद को सीमित नहीं रखा है। अब ये वाहन की जांच, फाइनेंस, इंश्योरेंस और होम डिलीवरी जैसी सुविधाएं भी दे रहे हैं। जिससे ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ रहा है और कंपनियों को मार्जिन सुधारने का मौका मिल रहा है।

यह भी पढ़ें - Nitin Gadkari: नितिन गडकरी का दिल्ली पुलिस को निर्देश- हाई-स्पीड कॉरिडोर पर दो और तीन पहिया वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगाएं
विज्ञापन
विज्ञापन
Used car market growth trajectory outpacing new car sales second hand car sales in india
second hand car - फोटो : Freepik
कोविड के झटकों में भी बना रहा भरोसा
नई कारों की बिक्री जहां महामारी और सेमीकंडक्टर की कमी से प्रभावित हुई, वहीं पुरानी कारों का बाजार इन झटकों को झेल गया। अब भी जब नई गाड़ियों की डिलीवरी में देरी हो रही है और कुछ पार्ट्स की कमी चल रही है, तो ग्राहक सेकंड हैंड ऑप्शन की तरफ मुड़ रहे हैं।

इसके अलावा, फाइनेंस की आसान उपलब्धता और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग से भी सेकंड हैंड कारों की बिक्री को बढ़ावा मिला है। 2019 से अब तक ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में कंपनियों ने 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग जुटाई है। जिससे वे अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी को मजबूत कर रही हैं।

यह भी पढ़ें - Illegal MBO: टू-व्हीलर बाजार में गैर-कानूनी मल्टी-ब्रांड आउटलेट्स का बढ़ता खतरा, FADA की चेतावनी
विज्ञापन
Used car market growth trajectory outpacing new car sales second hand car sales in india
Pre-owned car - फोटो : Audi India
गुणवत्ता वाली पुरानी कारें ही बनाएंगी रफ्तार
हालांकि भविष्य अच्छा दिख रहा है, लेकिन बाजार में अच्छी हालत में मौजूद सेकंड हैंड गाड़ियों की उपलब्धता इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए जरूरी होगी। लोगों की पसंद अब यूटिलिटी और एसयूवी जैसी गाड़ियों की ओर बढ़ रही है। और अगर ऐसे वाहनों की संख्या सेकंड हैंड मार्केट में बढ़ती है, तो सेक्टर में जबरदस्त बढ़ोतरी का रास्ता खुला रहेगा।

यह भी पढ़ें - Bentley: ब्रिटिश लग्जरी कार ब्रांड बेंटले की भारत में आधिकारिक एंट्री, इन शहरों में खुलेंगे शोरूम, जानें डिटेल्स 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed