लॉन्च से पहले ही बिक गईं मर्सिडीज की सभी कारें: 310 किमी की रफ्तार-वी8 इंजन के साथ आई सीएलई 646, क्यों है खास?
मर्सिडीज-एमजी ने अपनी ताकतवर और एक्सक्लूसिव कार सीएलई 646 स्पेजियालानफर्टिगंग (Spezialanfertigung) से पर्दा उठा दिया है। यह सीएलई मॉडल का एक बेहद खास और लिमिटेड एडिशन वर्जन है, जो मर्सिडीज-बेंज की प्रीमियम माइथोस सीरीज का दूसरा मॉडल है, पहला मॉडल मर्सिडीज-एएमजी प्योरस्पीड था। कंपनी इस कार की दुनियाभर में केवल कुछ ही यूनिट्स बनाएगी। आइए जानते हैं इस कार की खासियत के बारे में विस्तार से...
विस्तार
मर्सिडीज-एमजी ने अपनी नई सीएलई 646 स्पेजियालानफर्टिगंग को दुनिया के सामने पेश कर दिया है। यह सीएलई कूपे का बेहद खास और सीमित प्रोडक्शन वाला हाई-परफॉर्मेंस मॉडल है, जिसे खास तौर पर ड्राइविंग डायनामिक्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी इस कार की दुनियाभर में केवल 30 यूनिट्स ही बनाएगी। सबसे खास बात है कि यह दुनिया के सामने पेश किए जाने से पहले ही इसके सभी 30 यूनिट्स पूरी तरह से बिक (Sold Out) चुके हैं।
646 PS वाला 4.0-लीटर V8 इंजन
- सीएलई 646 में एएमजी का 4.0-लीटर M177 EVO V8 बिटर्बो इंजन दिया गया है। इसमें फ्लैट-प्लेन क्रैंकशाफ्ट का इस्तेमाल किया गंया है। यह इंजन 646 PS (475 kW) की अधिकतम पावर और 850 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। टॉर्क 2,500 से 4,500 rpm के बीच उपलब्ध रहता है।
- इंजन को एएमजी स्पीडसिफ्ट टीसीटी 9G गियरबॉक्स से जोड़ा गया है। सीएलई 53 के ऑल-व्हील ड्राइव सेटअप के विपरीत सीएलई 646 में पावर सिर्फ रियर व्हील्स तक पहुंचती है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल वाला रियर लिमिटेड-स्लिप डिफरेंशियल भी दिया गया है, जो कार को नियंत्रित तरीके से स्लाइड करने में मदद करता है।
0-200 किमी प्रति घंटा सिर्फ 11.4 सेकंड में
- रफ्तार के मामले में यह एकदम दमदार है। मर्सिडीज-एमजी के अनुसार सीएलई 646 0 से 200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार सिर्फ 11.4 सेकंड में पकड़ सकती है। इसकी टॉप स्पीड 310 किमी प्रति घंटा है। रियर-व्हील ड्राइव के लिए लॉन्च कंट्रोल को भी खास तौर पर कैलिब्रेट किया गया है।
- कार में हाई-परफॉर्मेंस एग्जॉस्ट सिस्टम दिया गया है, जिसमें टाइटेनियम का इस्तेमाल वजन कम करने के लिए किया गया है। इसके कोल्ड-इन डिजाइन को अक्रापोविच (Akrapovič) के साथ मिलकर विकसित किया गया है।
170 किग्रा तक कम किया वजन
- सीएलई 646 को सिर्फ ज्यादा पावर देने के बजाय वजन कम करने पर भी काफी काम किया गया है।मर्सिडीज-एमजी के अनुसार, बेस प्रोडक्शन मॉडल की तुलना में इसका वजन करीब 170 किग्रा कम किया गया है। इसके लिए कार की बॉडी और इंटीरियर में बड़े बदलाव किए गए हैं।
- कार से रियर सीटें और अकॉस्टिक इंसुलेशन हटा दिए गए हैं। इसकी जगह हल्के कार्बन-फाइबर डोर पैनल, हाई-एंड रेसिंग बकेट सीट्स और रोल-ओवर बार दिया गया है। इंफोटेनमेंट और साउंड सिस्टम को भी वजन कम करने के लिए सरल किया गया है। कुछ ड्राइविंग मोड, ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम और कम्फर्ट फीचर्स को भी हटा दिया गया है।
- सीएलई 646 को सामान्य सीएलई से अलग पहचान देने के लिए इसकी बॉडी में बड़े बदलाव किए गए हैं। कार में वाइड-बॉडी डिजाइन दिया गया है और आगे-पीछे ट्रैक को करीब 60-60mm चौड़ा किया गया है। इससे कार की स्थिरता और कॉर्नरिंग क्षमता बेहतर करने में मदद मिलती है।
- कार के कई हिस्सों में कार्बन-फाइबर का इस्तेमाल किया गया है। इसमें फेंडर एक्सटेंशन, फ्रंट बंपर, बोनट, रूफ, रियर बंपर और डिफ्यूजर जैसे हिस्से शामिल हैं। इसमें 20-इंच के एएमजी परफॉर्मेंस फोर्जेड व्हील्स दिए गए हैं। फ्रंट में 305/30 ZR20 और रियर में 335/30 ZR20 टायर लगाए गए हैं। कार की बॉडी को भी स्टैंडर्ड CLE की तुलना में ज्यादा चौड़ा किया गया है।
रेसिंग से प्रेरित इंटीरियर
- इंटीरियर को भी पूरी तरह परफॉर्मेंस-केंद्रित बनाया गया है। इसमें हल्की रेसिंग बकेट सीट्स, कार्बन-फाइबर डोर पैनल और रोल-ओवर बार मिलता है।
- पीछे की सीटें हटाने और इंसुलेशन कम करने से कार को ज्यादा हल्का और ड्राइविंग पर ज्यादा फोकस्ड बनाया गया है। एएमजी परफॉर्मेंस स्टीयरिंग व्हील पर भी कम कंट्रोल दिए गए हैं, क्योंकि कई ड्राइविंग मोड और असिस्टेंस फीचर्स को हटाया गया है।
डिजाइन में दिखता है एक्सट्रीम एटीट्यूड
- सीएलई 646 में कार्बन फाइबर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल, बोल्ड प्रोपोर्शन और विशाल ग्रिल इसे एक अलग और आक्रामक पहचान देते हैं। इसका डिजाइन परफॉर्मेंस और एक्सक्लूसिविटी पर खास जोर देता है।
- मर्सिडीज-बेंज ग्रुप एजी के चीफ डिजाइन ऑफिसर बैस्टियन बॉडी के अनुसार, कार्बन फाइबर का व्यापक इस्तेमाल, बोल्ड प्रोपोर्शन और ग्रिल का विशाल आकार सीएलई 646 की पहचान को एक ऐसी कार के तौर पर उभारता है, जो हर मामले में एक्सट्रीम है। उनके अनुसार, यह मॉडल परफॉर्मेंस और खास पहचान का एक जबरदस्त उदाहरण है।
नया कॉइलओवर सस्पेंशन और हाई-परफॉर्मेंस ब्रेक
- सीएलई 646 में खास तौर पर तैयार किया गया स्टील कॉइलओवर सस्पेंशन दिया गया है। इसमें 4-वे एडजस्टेबल डैम्पर तकनीक है, जिससे लो और हाई-स्पीड रिबाउंड तथा कंप्रेशन को अलग-अलग सेट किया जा सकता है।
- ब्रेकिंग के लिए एएमजी सिरेमिक हाई-परफॉर्मेंस कम्पोजिट ब्रेक सिस्टम दिया गया है। इसके साथ नई ब्रेक-कूलिंग व्यवस्था भी विकसित की गई है, ताकि ट्रैक पर लगातार हार्ड ड्राइविंग के दौरान तापमान को नियंत्रित रखा जा सके।
सिर्फ 30 यूनिट, कीमत का खुलासा नहीं
- मर्सिडीज-एएमजी सीएलई 646 स्पेजियालानफर्टिगंग को दुनिया भर में सिर्फ 30 यूनिट्स तक सीमित रखा गया है। हर कार को जर्मनी के Affalterbach में एएमजी की मैन्युफैक्चरिंग सुविधा में हाथ से तैयार किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, इसका पूरा प्रोडक्शन आधिकारिक विश्व प्रीमियर से पहले ही बिक चुका था। कंपनी ने फिलहांल इस बेहद सीमित मॉडल की कीमत सार्वजनिक नहीं की है।
मिथोस सीरीज का दूसरा मॉडल
- सीएलई 646 स्पेजियालानफर्टिगंग मर्सिडीज-बेंज की मिथोस सीरीज (Mythos Series) का दूसरा मॉडल है। इस सीरीज का उद्देश्य बेहद सीमित संख्या में ऐसे खास और एक्सक्लूसिव मॉडल तैयार करना है, जो सामान्य एएमजी कारों से कहीं ज्यादा परफॉर्मेंस और एक्सक्लूसिविटी पर फोकस करें।
- कुल मिलाकर, सीएलई 646 को सिर्फ पावरफुल सीएलई के तौर पर नहीं, बल्कि 646 पीएस वी8, रियर-व्हील ड्राइव, 170 किग्रा तक कम वजन, वाइड-बॉडी डिजाइन और रेसिंग-केंद्रित हार्डवेयर वाले एक खास कलेक्टर मॉडल के रूप में तैयार किया गया है।