ऑटो कंपनियां धीरे-धीरे पटरी पर जरूर लौट रही हैं लेकिन अभी डीलरशिप पर उस तरह का माहौल नहीं है जैसा की पहले हुआ करता था। पहले वाहन खरीदने पर डीलरशिप पर मौजूद लोग खरीदार की खुशी में शामिल होते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। फिलहाल न तो कार खरीदने वाले के साथ पहले की तरह लोग शोरूम पर जा रहे हैं और न ही वहां के कर्मचारी पहले की तरह कार खरीदार के साथ दिखाई दे रहे हैं। एक 30 वर्षीय पुलिसकर्मी ने 800 एलएक्सआई कार खरीदी है। इस पर उन्होंने कहा कि जब पिछले सप्ताह अपनी सफेद ऑल्टो 800 एलएक्सआई की डिलीवरी ली तो वहां पर होने वाला एक छोटा सा समारोह गायब था।
लॉकडाउन में ढील के बाद Maruti ने की 1600 कारों की डिलीवरी, तो Hyundai ने बेचीं 608 कारें
ज्यादातर वाहन लॉकडाउन से पहले किए गए थे बुक
उन्होंने कहा कि वह मारुति सुजुकी डीलरशिप पर अकेले ही गए थे। सबसे पहले उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। उसके बाद उनके हाथों को सेनेटाइज किया गया। वहीं बाद में मास्क लगाए एक सेल्स एग्जीक्यूटिव ने उन्हें कार की चाबी सौंप दी। उन्होंने कहा कि इस दौरान वायरस के चलते उनका परिवार भी उनके साथ नहीं आ था। बता दें कि 40 दिनों बाद 4 मई को ऑटोमोबाइल डीलरशिप फिर से खुलने पर मारुति सुजुकी ने 1600 से अधिक कारों की डिलीवरी की है जबकि ह्यूंदै मोटर ने 608 वाहनों की बिक्री की है। हालांकि ये ज्यादातर वाहन लॉकडाउन की घोषणा से पहले ही बुक किए गए थे।
लॉकडाउन के दौरान 150,000 खरीदारों से किया संपर्क
मारुति सुजुकी के कार्यकारी निदेशक (मार्केटिंग और सेल्स) शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि हमने लॉकडाउन के दौरान 150,000 खरीदारों से संपर्क किया था। लेकिन कंपनी के लिए वाहनों की टेस्ट ड्राइविंग कराना एक चिंता का विषय था। उन्होंने कहा कि आमतौर पर वाहनों की जांच और डिलीवरी के बीच 28 टचपॉइंट होते हैं लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए इनमें से 17-21 को डिजिटल कर दिया है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे।
एक शिफ्ट में 50 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी नहीं करेंगे काम
वहीं मारुति सुजुकी इंडिया ने एलान किया है कि कंपनी में छोटी शिफ्ट होगी। कंपनियों में कर्मचारियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। डीलरशिप पर भी सुरक्षा की दृष्टि से कई नियम बनाए गए हैं जिन्हें फॉलो करना जरूरी है। कंपनी में एक साथ 50 प्रतिशत से ज्यादा कर्माचरी काम नहीं करेंगे। कारखानों में शिफ्टिंग के दौरान एक घंटे का अंतर रखा जाएगा ताकि इस बीच कंपनी को अच्छे से सेनेटाइज किया जा सके। वायरस का ध्यान रखते हुए बनाए गए नियमों का सभी को पालन करना जरूरी है। कंपनी का कहना है कि वह अपने कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा व्यवस्था और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रख रही है। खासतौर से दो मीटर की दूरी बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क लगाना, सेनेटाइजर को अनिवार्य किया गया है। इसके अवाला भी वायरस से बचने के लिए कई दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
इन कंपनियों ने भी खोले अपने कारखाने
कंपनी ने अधिकांश कर्मचारियों को पिछले कुछ दिनों के अपने टंप्रेचर पर ध्यान देने के लिए कहा है साथ ही रिपोर्ट को जमा करने के लिए भी कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर कर्मचारी को कंपनी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बता दें कि कई वाहन निर्माता जैसे हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर इंडिया लिमिटेड, हीरो मोटोकॉर्प, आयशर मोटर्स, रॉयल एनफील्ड, टीवीएस मोटर कंपनी और मर्सिडीज बेंज ने इस महीने अपने कारखाने फिर से खोल दिए हैं।