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EV: ईवी अपनाने की रफ्तार पर ब्रेक, सब्सिडी खत्म होते ही दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन की बिक्री में भारी गिरावट
Tue, 05 Aug 2025 04:50 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 05 Aug 2025 04:50 PM IST
सार
दिल्ली, जो कभी देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की दौड़ में सबसे आगे मानी जाती थी, अब इस क्षेत्र में धीमी होती नजर आ रही है। राजधानी में इलेक्ट्रिक व्हीकल रजिस्ट्रेशन में आई तेज गिरावट ने साफ और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Electric Car
- फोटो : Freepik
दिल्ली, जो कभी देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की दौड़ में सबसे आगे मानी जाती थी, अब इस क्षेत्र में धीमी होती नजर आ रही है। राजधानी में इलेक्ट्रिक व्हीकल रजिस्ट्रेशन में आई तेज गिरावट ने साफ और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सब्सिडी का हटना माना जा रहा है।
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
सब्सिडी बंद होने से बिक्री पर असर
यह गिरावट सीधे तौर पर उस फैसले से जुड़ी है जिसमें दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर दी जा रही सब्सिडी को जनवरी 2024 में बंद कर दिया था। ये आर्थिक सहूलियतें पहले दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत मिलती थीं। उस वक्त आम आदमी पार्टी की सरकार थी, जिसने पॉलिसी तो आगे बढ़ा दी। लेकिन पूरे साल किसी को भी आर्थिक फायदा नहीं मिला।
यह भी पढ़ें - Adani: क्या भारत में बैटरियां बनाएगा अदाणी ग्रुप? BYD के साथ साझेदारी की खबर पर आया आधिकारिक जवाब
यह गिरावट सीधे तौर पर उस फैसले से जुड़ी है जिसमें दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर दी जा रही सब्सिडी को जनवरी 2024 में बंद कर दिया था। ये आर्थिक सहूलियतें पहले दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत मिलती थीं। उस वक्त आम आदमी पार्टी की सरकार थी, जिसने पॉलिसी तो आगे बढ़ा दी। लेकिन पूरे साल किसी को भी आर्थिक फायदा नहीं मिला।
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Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
नई सरकार से भी नहीं मिली राहत
बाद में जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई सरकार आई, तो उम्मीद थी कि शायद सब्सिडी दोबारा शुरू होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भाजपा सरकार ने सिर्फ मौजूदा ईवी पॉलिसी को मार्च 2026 तक बढ़ाया, लेकिन किसी भी तरह की नई कैश सब्सिडी का एलान नहीं किया।
2022 से भी नीचे पहुंच गया है रजिस्ट्रेशन का स्तर
अधिकारियों का कहना है कि पिछले चार महीनों के ईवी रजिस्ट्रेशन आंकड़े 2022 के स्तर से भी नीचे चले गए हैं। जबकि तब बाजार कोविड-19 के झटकों से उबर ही रहा था। इससे साफ है कि ईवी अपनाने की रफ्तार बुरी तरह धीमी हो गई है।
यह भी पढ़ें - Hero Mavrick 440: हीरो ने बंद की अपनी सबसे प्रीमियम बाइक Mavrick 440, लॉन्च के 18 महीने बाद ही अलविदा
बाद में जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई सरकार आई, तो उम्मीद थी कि शायद सब्सिडी दोबारा शुरू होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भाजपा सरकार ने सिर्फ मौजूदा ईवी पॉलिसी को मार्च 2026 तक बढ़ाया, लेकिन किसी भी तरह की नई कैश सब्सिडी का एलान नहीं किया।
2022 से भी नीचे पहुंच गया है रजिस्ट्रेशन का स्तर
अधिकारियों का कहना है कि पिछले चार महीनों के ईवी रजिस्ट्रेशन आंकड़े 2022 के स्तर से भी नीचे चले गए हैं। जबकि तब बाजार कोविड-19 के झटकों से उबर ही रहा था। इससे साफ है कि ईवी अपनाने की रफ्तार बुरी तरह धीमी हो गई है।
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Electric Car
- फोटो : FREEPIK
पड़ोसी राज्यों की स्कीम कर रही हैं आकर्षित
दिल्ली के बहुत से लोग अब अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां का पंजीकरण पड़ोसी राज्यों में करवा रहे हैं, क्योंकि वहां उन्हें ज्यादा छूट मिल रही है। एक ट्रांसपोर्ट अधिकारी ने बताया, "उत्तर प्रदेश में स्थानीय सब्सिडी की वजह से इलेक्ट्रिक कारें करीब 3 लाख रुपये तक सस्ती हो गई हैं। इसी वजह से दिल्ली के लोग गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जैसे एनसीआर जिलों में गाड़ियां रजिस्टर करा रहे हैं, जिससे दिल्ली की रजिस्ट्रेशन संख्या में और गिरावट आ रही है।"
यह भी पढ़ें - VinFast: विनफास्ट ने तमिलनाडु में शुरू किया अपना पहला ईवी प्लांट, सालाना 1.5 लाख गाड़ियां बनाने का लक्ष्य
दिल्ली के बहुत से लोग अब अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां का पंजीकरण पड़ोसी राज्यों में करवा रहे हैं, क्योंकि वहां उन्हें ज्यादा छूट मिल रही है। एक ट्रांसपोर्ट अधिकारी ने बताया, "उत्तर प्रदेश में स्थानीय सब्सिडी की वजह से इलेक्ट्रिक कारें करीब 3 लाख रुपये तक सस्ती हो गई हैं। इसी वजह से दिल्ली के लोग गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जैसे एनसीआर जिलों में गाड़ियां रजिस्टर करा रहे हैं, जिससे दिल्ली की रजिस्ट्रेशन संख्या में और गिरावट आ रही है।"
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MG Windsor Electric Car
- फोटो : JSW MG Motor India
ईवी लक्ष्य खतरे में
अगर जल्द ही सब्सिडी दोबारा शुरू नहीं हुई, तो दिल्ली सरकार का 25 प्रतिशत वाहन बिक्री को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य खतरे में पड़ सकता है। ये लक्ष्य खुद ईवी पॉलिसी में तय किया गया है, लेकिन मौजूदा हालातों को देखते हुए, ये सपना अब दूर होता जा रहा है।
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अगर जल्द ही सब्सिडी दोबारा शुरू नहीं हुई, तो दिल्ली सरकार का 25 प्रतिशत वाहन बिक्री को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य खतरे में पड़ सकता है। ये लक्ष्य खुद ईवी पॉलिसी में तय किया गया है, लेकिन मौजूदा हालातों को देखते हुए, ये सपना अब दूर होता जा रहा है।
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