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Vehicle Insurance: कहीं आपकी गाड़ी का बीमा फर्जी तो नहीं? दिल्ली में 80,000 नकली पॉलिसियां पकड़ी गईं
Thu, 24 Jul 2025 06:53 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 24 Jul 2025 06:53 PM IST
सार
ज्यादातर लोग अपनी गाड़ी का बीमा कराते वक्त शर्तें और डिटेल्स ठीक से नहीं पढ़ते। लेकिन अब यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन इंश्योरेंस फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है।
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Vehicle Insurance
- फोटो : Freepik
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ज्यादातर लोग अपनी गाड़ी का बीमा कराते वक्त शर्तें और डिटेल्स ठीक से नहीं पढ़ते। लेकिन अब यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन इंश्योरेंस फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है। जिसमें 80,000 से ज्यादा फर्जी पॉलिसियां जारी की गई थीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह फर्जीवाड़ा खास तौर पर दो-पहिया वाहन चालकों के साथ हुआ, जिन्हें तीन और चार-पहिया वाहनों की पॉलिसियां बेच दी गईं, वो भी ज्यादा प्रीमियम लेकर।
Car Insurance
- फोटो : Freepik
बीमा घोटाला कैसे हुआ
फिलहाल क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है। लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार, फ्रॉड करने वालों ने बीमा वेबसाइट को हैक कर लिया था। उन्होंने पोर्टल के मेनू ऑप्शन से लेकर डेटा तक सब कुछ बदल डाला, और पॉलिसियों की प्रीमियम रकम को भी मनमाने तरीके से बढ़ा दिया। दिल्ली में ऐसे कम से कम 5,000 वाहनों को नकली बीमा दिया गया है, जिन्हें अब अमान्य घोषित कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें - Old Vehicle Ban: दिल्ली में अब लोगों को प्रदूषण से ज्यादा सुरक्षा की चिंता, सर्वे में सामने आई लोगों की नई सोच
फिलहाल क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है। लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार, फ्रॉड करने वालों ने बीमा वेबसाइट को हैक कर लिया था। उन्होंने पोर्टल के मेनू ऑप्शन से लेकर डेटा तक सब कुछ बदल डाला, और पॉलिसियों की प्रीमियम रकम को भी मनमाने तरीके से बढ़ा दिया। दिल्ली में ऐसे कम से कम 5,000 वाहनों को नकली बीमा दिया गया है, जिन्हें अब अमान्य घोषित कर दिया गया है।
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Car Insurance
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बीमा कंपनी के एक प्रतिनिधि ने मीडिया से बातचीत में बताया कि धोखेबाजों ने ग्राहकों की सारी जानकारी, गाड़ी की कैटेगरी और कॉन्टैक्ट डिटेल्स बदल दीं। उन्होंने देशभर से गाड़ियों की बीमा डिटेल्स जुटाईं, उसमें हेरफेर की और फिर जानी-मानी कंपनियों के नाम पर नकली पॉलिसियां बेच दीं।
दो-पहिया वाहन मालिकों को तीन-पहिया और चार-पहिया वाहनों की पॉलिसियां बेचकर उनसे ज्यादा पैसा वसूला गया।
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दो-पहिया वाहन मालिकों को तीन-पहिया और चार-पहिया वाहनों की पॉलिसियां बेचकर उनसे ज्यादा पैसा वसूला गया।
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Bike Insurance
- फोटो : Freepik
यह फ्रॉड पकड़ में कैसे आया
बीमा कंपनी ने जब अपनी आंतरिक जांच शुरू की, तो उन्हें खासकर थर्ड पार्टी दावों में कुछ गड़बड़ नजर आई। ये दावे देश के अलग-अलग एमएसीटी कोर्ट्स में दायर किए गए थे। जांच में पता चला कि धोखेबाजों ने सैकड़ों फर्जी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पते बनाए थे जिनसे ये पॉलिसियां जारी की गईं। सच्चाई ये थी कि सिर्फ 14 बीमा पॉलिसियां ही असली थीं, बाकी सब नकली निकलीं।
कंपनी ने बताया कि साल 2022 से 2023 के बीच कुल 80,014 फर्जी बीमा पॉलिसियां जारी की गईं। इनमें से 74 प्रतिशत पॉलिसियां ऑनलाइन खरीदी गई थीं - यूपीआई, नेट बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड जैसे तरीकों से पेमेंट किया गया था।
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बीमा कंपनी ने जब अपनी आंतरिक जांच शुरू की, तो उन्हें खासकर थर्ड पार्टी दावों में कुछ गड़बड़ नजर आई। ये दावे देश के अलग-अलग एमएसीटी कोर्ट्स में दायर किए गए थे। जांच में पता चला कि धोखेबाजों ने सैकड़ों फर्जी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पते बनाए थे जिनसे ये पॉलिसियां जारी की गईं। सच्चाई ये थी कि सिर्फ 14 बीमा पॉलिसियां ही असली थीं, बाकी सब नकली निकलीं।
कंपनी ने बताया कि साल 2022 से 2023 के बीच कुल 80,014 फर्जी बीमा पॉलिसियां जारी की गईं। इनमें से 74 प्रतिशत पॉलिसियां ऑनलाइन खरीदी गई थीं - यूपीआई, नेट बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड जैसे तरीकों से पेमेंट किया गया था।
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Bike Insurance
- फोटो : AI
क्या करें आम लोग
इस फ्रॉड के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। अगर आपने भी ऑनलाइन बीमा खरीदा है, तो अपनी पॉलिसी की डिटेल्स तुरंत जांचें और जरूरत हो तो कंपनी से संपर्क करें। क्योंकि हो सकता है, आपकी बीमा पॉलिसी भी सिर्फ कागज पर हो, हकीकत में नहीं।
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इस फ्रॉड के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। अगर आपने भी ऑनलाइन बीमा खरीदा है, तो अपनी पॉलिसी की डिटेल्स तुरंत जांचें और जरूरत हो तो कंपनी से संपर्क करें। क्योंकि हो सकता है, आपकी बीमा पॉलिसी भी सिर्फ कागज पर हो, हकीकत में नहीं।
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