भौतिक सुख-सुविधा, भोग-विलास और सौंदर्य के कारक ग्रह शुक्र आज यानी 29 मार्च को मेष से वृषभ राशि में गोचर कर चुके हैं। वृषभ राशि शुक्रदेव की अपनी खुद की राशि होती है यानी इस राशि पर शुक्रदेव का स्वामित्व प्राप्त है। शुक्र के स्वराशि में गोचर करने से इसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर देखने को मिलेगा। जिन जातकों की कुंडली में शुक्र अच्छी स्थिति में होते हैं उनको जीवन में हर तरह की सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है वहीं अगर कुंडली में शुक्र की स्थिति कमजोर है तो व्यक्ति को धन संबंधी परेशानियों से जूझना पड़ता है, वहीं वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं शुक्र के वृषभ राशि में गोचर करने से सभी 12 राशियों के जातकों पर किस तरह का फल मिलेगा।
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मेष राशि
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मेष राशि-
सुख और आकर्षण के कारक ग्रह शुक्र मेष राशि वालो की कुंडली में दूसरे और सातवें भाव के स्वामी होते हैं। आपकी राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव आर्थिक पक्ष तो मजबूत करेगा ही अपनी वाणी कुशलता के बलपर कठिन हालात को भी आसानी से नियंत्रित कर लेंगे। सामाजिक प्रभाव बढ़ेगा।
वृषभ राशि-
शुक्र वृषभ राशि वालों की कुंडली में उनके लग्न भाव के स्वामी होने के साथ-साथ छठे भाव के भी स्वामी होते हैं। आपकी राशि के स्वामी शुक्र का स्वयं अपनी ही राशि पर गोचर करना किसी वरदान से कम नहीं है। सोची समझी सभी रणनीतियां कारगर सिद्ध होंगी। जो लोग बेरोजगार और नौकरी की तलाश में है उनके लिए रोजगार की दिशा में किया गया प्रयास भी सार्थक रहेगा। संतान के सुख का आनंद मिलेगा। वैवाहिक वार्ता सफल रहेगी।
मिथुन राशि-
मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र आपकी कुंडली के पंचम भाव के स्वामी होने के साथ बारहवें भाव के स्वामी भी होते हैं। यहां पर शुक्र का आपकी कुंडली के बारहवें भाव में गोचर होगा। ऐसे में शुक्र का प्रभाव कई तरह के अप्रत्याशित सुखद परिणाम का अवसर प्रदान करेगा। विलासिता पूर्ण वस्तुओं तथा घूमने-फिरने पर अधिक खर्च होगा। जमीन जायदाद संबंधी मामले हल होंगे। वाहन का क्रय करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी गोचर अनुकूल रहेगा।
कर्क राशि-
आपकी कुंडली में शुक्र चौथे और लाभ भाव के स्वामी होते हैं और शुक्र का वृषभ राशि में गोचर आपके लाभ भाव में होगा। राशि से एकादश लाभ भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव अच्छा ही रहेगा उच्चाधिकारियों से संबंध मजबूत होंगे। आय के संसाधनों में वृद्धि होगी। काफी दिनों का प्रतीक्षित कार्य संपन्न होगा। सरकारी विभागों में भी रुके कार्य संपन्न होंगे।